पटना ट्रैफिक पुलिस को मिलीं दो अत्याधुनिक एंबुलेंस:डीजीपी ने किया रवाना, गोल्डन ऑवर में मिलेगी तुरंत मदद

पटना ट्रैफिक पुलिस को मिलीं दो अत्याधुनिक एंबुलेंस:डीजीपी ने किया रवाना, गोल्डन ऑवर में मिलेगी तुरंत मदद

पटना में सड़क हादसों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी की ट्रैफिक पुलिस अब केवल यातायात व्यवस्था ही नहीं संभालेगी, बल्कि आपात स्थिति में घायलों की जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मंगलवार को पटना ट्रैफिक पुलिस को दो अत्याधुनिक एंबुलेंस सौंपी गईं। इन एंबुलेंस का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाएगा। यह पहल कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा की गई है। इसे राज्य में सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इन एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने इस पहल को आम लोगों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम के दौरान डीजीपी विनय कुमार और चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के एमडी वी. सूर्यनारायणन के बीच एक समझौता पत्र (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत कंपनी ने पुलिस विभाग को यह सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। ये दोनों एंबुलेंस राजधानी की सबसे व्यस्त और दुर्घटना-प्रवण सड़कों पर 24 घंटे तैनात रहेंगी। इनमें मुख्य रूप से अटल पथ, पाटलिपुत्र पथ और जेपी गंगा पथ शामिल हैं, जो तेज रफ्तार और भारी ट्रैफिक के कारण अक्सर हादसों के लिए जाने जाते हैं। एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि ये एंबुलेंस 24 घंटे सक्रिय रहेंगी और जरूरत के अनुसार शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी भेजी जाएंगी। किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही ये मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू करेंगी। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान यदि सही समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इन एंबुलेंस का लक्ष्य इसी ‘गोल्डन ऑवर’ में मदद पहुंचाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस को एंबुलेंस से लैस किया गया है। एडीजी ने बताया कि पटना देश के उन शीर्ष 100 शहरों में शामिल है, जहां सड़क हादसों की संख्या अधिक है। ऐसे में यह पहल सीधे तौर पर मृत्यु दर को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

प्रशिक्षित स्टाफ और प्राथमिक उपचार की सुविधा इन एंबुलेंस में केवल ड्राइवर ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी भी मौजूद रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से तैनात किए गए ये कर्मी मौके पर ही प्राथमिक उपचार देने में सक्षम होंगे। घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही उसकी स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की जाएगी, जिससे इलाज के दौरान उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाएगी।

डायल-112 से जोड़ा जाएगा सिस्टम इस नई सेवा को जल्द ही डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ने की योजना है। इसका मतलब यह होगा कि यदि कोई व्यक्ति 112 पर कॉल करता है, तो पुलिस के साथ-साथ एंबुलेंस भी तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। इस एकीकृत व्यवस्था से आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय और भी कम हो जाएगा, जो किसी भी गंभीर हादसे में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

तीन राज्यों में चल रही है पहल चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने इस तरह की पहल केवल बिहार में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और राजस्थान में भी शुरू की है। कंपनी का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मदद पहुंचाना है। सीएसआर के तहत चलाई जा रही यह पहल सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग का एक अच्छा उदाहरण मानी जा रही है।
आम जनता को मिलेगा सीधा लाभ

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि सड़क हादसों के बाद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे घायलों की स्थिति गंभीर हो जाती है। अब ट्रैफिक पुलिस के पास अपनी एंबुलेंस होने से मौके पर ही राहत कार्य शुरू हो सकेगा। इससे न सिर्फ लोगों की जान बचेगी, बल्कि ट्रैफिक पुलिस की छवि भी एक मददगार संस्था के रूप में मजबूत होगी। पटना में सड़क हादसों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी की ट्रैफिक पुलिस अब केवल यातायात व्यवस्था ही नहीं संभालेगी, बल्कि आपात स्थिति में घायलों की जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मंगलवार को पटना ट्रैफिक पुलिस को दो अत्याधुनिक एंबुलेंस सौंपी गईं। इन एंबुलेंस का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाएगा। यह पहल कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा की गई है। इसे राज्य में सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इन एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने इस पहल को आम लोगों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम के दौरान डीजीपी विनय कुमार और चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के एमडी वी. सूर्यनारायणन के बीच एक समझौता पत्र (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत कंपनी ने पुलिस विभाग को यह सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। ये दोनों एंबुलेंस राजधानी की सबसे व्यस्त और दुर्घटना-प्रवण सड़कों पर 24 घंटे तैनात रहेंगी। इनमें मुख्य रूप से अटल पथ, पाटलिपुत्र पथ और जेपी गंगा पथ शामिल हैं, जो तेज रफ्तार और भारी ट्रैफिक के कारण अक्सर हादसों के लिए जाने जाते हैं। एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि ये एंबुलेंस 24 घंटे सक्रिय रहेंगी और जरूरत के अनुसार शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी भेजी जाएंगी। किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही ये मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू करेंगी। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान यदि सही समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इन एंबुलेंस का लक्ष्य इसी ‘गोल्डन ऑवर’ में मदद पहुंचाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस को एंबुलेंस से लैस किया गया है। एडीजी ने बताया कि पटना देश के उन शीर्ष 100 शहरों में शामिल है, जहां सड़क हादसों की संख्या अधिक है। ऐसे में यह पहल सीधे तौर पर मृत्यु दर को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

प्रशिक्षित स्टाफ और प्राथमिक उपचार की सुविधा इन एंबुलेंस में केवल ड्राइवर ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी भी मौजूद रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से तैनात किए गए ये कर्मी मौके पर ही प्राथमिक उपचार देने में सक्षम होंगे। घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही उसकी स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की जाएगी, जिससे इलाज के दौरान उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाएगी।

डायल-112 से जोड़ा जाएगा सिस्टम इस नई सेवा को जल्द ही डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ने की योजना है। इसका मतलब यह होगा कि यदि कोई व्यक्ति 112 पर कॉल करता है, तो पुलिस के साथ-साथ एंबुलेंस भी तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। इस एकीकृत व्यवस्था से आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय और भी कम हो जाएगा, जो किसी भी गंभीर हादसे में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

तीन राज्यों में चल रही है पहल चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने इस तरह की पहल केवल बिहार में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और राजस्थान में भी शुरू की है। कंपनी का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मदद पहुंचाना है। सीएसआर के तहत चलाई जा रही यह पहल सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग का एक अच्छा उदाहरण मानी जा रही है।
आम जनता को मिलेगा सीधा लाभ

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि सड़क हादसों के बाद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे घायलों की स्थिति गंभीर हो जाती है। अब ट्रैफिक पुलिस के पास अपनी एंबुलेंस होने से मौके पर ही राहत कार्य शुरू हो सकेगा। इससे न सिर्फ लोगों की जान बचेगी, बल्कि ट्रैफिक पुलिस की छवि भी एक मददगार संस्था के रूप में मजबूत होगी।  

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