रामगंजबालाजी. कृषि उपज मंडी की मुख्य सड़क ट्रकों की पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई है। गोदामों में माल लेकर आने वाले ट्रकों के बेतरतीब खड़े होने के कारण यहां रोजाना जाम के हालात बन रहे हैं, जिससे किसान और मंडी कारोबारी गंभीर रूप से परेशान हैं। आढ़तिया संघ ने सोमवार तक इस समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
आढ़तिया संघ अध्यक्ष अनिल जैन ने बताया कि राजस्थान राज्य भंडारण व्यवस्था निगम के गोदामों में आने वाले ट्रक मंडी की सड़क पर चार-चार लाइनों में खड़े रहते हैं। इससे माल बेचने आने वाले किसानों और व्यापार करने वाले सभी वर्गों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रक चालकों को हटाने की बात करने पर वे लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। अनिल जैन ने आगे बताया कि पिछले एक महीने से लगातार इस समस्या के बावजूद मंडी सचिव ने ट्रक चालकों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया है और न ही थाने में रिपोर्ट दी है।
मंडी में तैनात पुलिस चौकी के कर्मी भी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। वर्षों से यहां स्थाई पुलिस चौकी की मांग की जा रही है, लेकिन इसकी अनदेखी हो रही है। इसी के चलते आए दिन लड़ाई-झगड़े, किसानों की जिंस की चोरियां व अन्य घटनाएं बढ़ रही हैं। आढ़तिया संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक ट्रकों के व्यवस्थित खड़े होने का इंतजाम नहीं हुआ तो सभी वर्ग के लोग आंदोलन शुरू करेंगे।
सड़क पर ट्रकों की कतार, ग्रामीण परेशान
तालेड़ा. अंथडा रोड पर 5 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से लालपुरा गांव के पास फैक्ट्री के सामने माल से भरकर खड़े ट्रकों ने सड़क पर अवैध रूप से पार्किंग बना दी है। सडक़ पर ट्रकों की अवैध पार्किंग के चलते दो से तीन किलोमीटर तक का रोजाना जाम लगा रहता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के पास स्थित लिंक रोड को भी फैक्ट्री पर ले जाने वाले फसल का काट से भरें ट्रैक्टर ट्रॉलियो ने अवैध खड़े कर देने से वहां से गुजरने वाले क्षेत्रीय ग्रामीणों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अंथडा रोड पर 5 किलोमीटर पर स्थित फैक्ट्री के सामने अवैध पार्किंग लगाकर कतारबद्ध भारी-भरकम ट्रकों का जमावडा लगा रहता है। जिससे आसपास के गांव के लोग रोजगार या धंधे से कोटा बूंदी जाते समय घंटों देर हो जाती हैं। शुक्रवार को सवेरे दो दर्जन से भी अधिक भारी-भरकम ओवरलोडिंग वाहनों के नहर पर कतारबद्ध खडे रहने से चार से पांच घंटों तक जाम के हालात बने रहे। रात के समय 5 किलोमीटर तक क्षतिग्रस्त रोड पर धुल मिटटी उडऩे के कारण ग्रामीणों को भारी भरकर परेशानी उठानी पड़ती है। फैक्ट्री प्रबंधन को इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद भी जाम के हालात बने हुए हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने वाहनों के लिए पार्किंग स्थल नहीं बना रखा है।


