किसान सत्याग्रह में सरकार पर पप्पू यादव ने बोला हमला:कहा- कॉर्पोरेट के लिए काम कर रही केंद्र, किसानों को नजरअंदाज किया जा रहा है

किसान सत्याग्रह में सरकार पर पप्पू यादव ने बोला हमला:कहा- कॉर्पोरेट के लिए काम कर रही केंद्र, किसानों को नजरअंदाज किया जा रहा है

पूर्णिया के गुलाबबाग मंडी में आज किसान न्याय सत्याग्रह हुआ। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव खुद इस सत्याग्रह में शामिल हुए। सांसद ने किसानों के साथ मंच साझा किया और किसानों की आवाज को बुलंद किया। गुलाबबाग मंडी गेट पर चल रहे इस सात दिवसीय धरना में किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। खासकर मक्का और मखाना उत्पादक किसान अपनी समस्याओं को लेकर मुखर दिखे। किसानों ने कहा कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार उनकी लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। कृषि ट्रेड डील को किसान विरोधी बताया सत्याग्रह के दौरान पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि ट्रेड डील को सीधे तौर पर किसान विरोधी बताते हुए इसे काले कृषि कानून 2.0 करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता लागू होता है, तो इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था कमजोर हो जाएगी और देश की पारंपरिक मंडी प्रणाली खत्म होने के कगार पर पहुंच जाएगी। उन्होंने सरकार से इस प्रस्तावित डील को तुरंत रद्द करने की मांग की और MSP को कानूनी गारंटी देने की बात कही, ताकि किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल सके। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है और किसानों को विदेशी बाजार के हवाले करने की तैयारी कर रही है। सांसद ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन अब सिर्फ पूर्णिया तक सीमित नहीं रहेगा। इसे पूरे बिहार और देशभर में फैलाया जाएगा। किसान बचेगा तभी देश बचेगा के नारे के साथ उन्होंने ऐलान किया कि यह लड़ाई अब सड़क से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। इस आंदोलन की शुरुआत आज से हुई, जिसमें किसानों के मुद्दों के साथ-साथ बिहार में बढ़ते अपराध और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर विषय भी उठाए गए। अब किसान न्याय सत्याग्रह के जरिए इस आंदोलन को और व्यापक और संगठित बनाने की रणनीति साफ नजर आ रही है। पूर्णिया के गुलाबबाग मंडी में आज किसान न्याय सत्याग्रह हुआ। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव खुद इस सत्याग्रह में शामिल हुए। सांसद ने किसानों के साथ मंच साझा किया और किसानों की आवाज को बुलंद किया। गुलाबबाग मंडी गेट पर चल रहे इस सात दिवसीय धरना में किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। खासकर मक्का और मखाना उत्पादक किसान अपनी समस्याओं को लेकर मुखर दिखे। किसानों ने कहा कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार उनकी लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। कृषि ट्रेड डील को किसान विरोधी बताया सत्याग्रह के दौरान पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि ट्रेड डील को सीधे तौर पर किसान विरोधी बताते हुए इसे काले कृषि कानून 2.0 करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता लागू होता है, तो इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था कमजोर हो जाएगी और देश की पारंपरिक मंडी प्रणाली खत्म होने के कगार पर पहुंच जाएगी। उन्होंने सरकार से इस प्रस्तावित डील को तुरंत रद्द करने की मांग की और MSP को कानूनी गारंटी देने की बात कही, ताकि किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल सके। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है और किसानों को विदेशी बाजार के हवाले करने की तैयारी कर रही है। सांसद ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन अब सिर्फ पूर्णिया तक सीमित नहीं रहेगा। इसे पूरे बिहार और देशभर में फैलाया जाएगा। किसान बचेगा तभी देश बचेगा के नारे के साथ उन्होंने ऐलान किया कि यह लड़ाई अब सड़क से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। इस आंदोलन की शुरुआत आज से हुई, जिसमें किसानों के मुद्दों के साथ-साथ बिहार में बढ़ते अपराध और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर विषय भी उठाए गए। अब किसान न्याय सत्याग्रह के जरिए इस आंदोलन को और व्यापक और संगठित बनाने की रणनीति साफ नजर आ रही है।  

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