हाथरस में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित ने आज कई कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और जल निगम (नगरीय) कार्यालय में कई अनियमितताएं मिलीं। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ सहायक सौरभ भारद्वाज 22 से 26 मई तक अवकाश पर पाए गए। उनका अवकाश मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से स्वीकृत नहीं किया गया था। सीडीओ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भविष्य में यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों/अधिकारियों के अवकाश मानव संपदा पोर्टल के जरिए ही स्वीकृत किए जाएं। स्थापना कक्ष के निरीक्षण में अनिल कुमार शर्मा (स्थापना सहायक/वरिष्ठ सहायक), सौरभ भारद्वाज (वरिष्ठ सहायक) और कंप्यूटर ऑपरेटर के बैठने की जगह पर अलमारी के ऊपर प्रिंटर के कार्टेज के डिब्बे और अन्य सामान अव्यवस्थित मिले। अनिल कुमार शर्मा की नेम प्लेट पर धूल जमी थी। कक्ष में अन्य अभिलेख भी बेतरतीब रखे थे, जिन्हें अलमारी में व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। अलमारी पर पटल सहायक का पदनाम और वर्षवार अभिलेखों से संबंधित पर्ची चिपकाने के भी निर्देश दिए गए। लेखा विभाग कक्ष की स्थिति काफी खराब लेखा अनुभाग कक्ष की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। कार्यालय में किसी भी कर्मचारी की नेम प्लेट नहीं लगी थी। अलमारी के ऊपर पुराने कार्टूनों में पुराने बिल, पुराना एक्सटेंशन बोर्ड, पुराना लैंडलाइन फोन और कई धूल भरे/गंदे कार्टून अव्यवस्थित रखे मिले। इस कार्यालय का पूर्व में 17 फरवरी को भी निरीक्षण किया गया था, लेकिन उसकी अनुपालन आख्या अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि 17 फरवरी और आज के निरीक्षण की अनुपालन आख्या एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। इसके बाद अधिशासी अभियंता, जल निगम (नगरीय) कार्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय खण्डीय लेखाकार सुभाष बाबू, चपरासी मनोज और मोहन लाल अनुपस्थित मिले। सीडीओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया। अधिशासी अभियंता, जल निगम (नगरीय) को अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपनी स्पष्ट राय के साथ सीडीओ कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


