बारां शहर के विभिन्न वार्डों में नाले-नालियों की बदहाल स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। कई स्थानों पर नालों पर ढक्कन नहीं हैं, जबकि कुछ जगहों पर पुराने ढक्कन टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुले नालों के चलते आए दिन गोवंश और अन्य मवेशियों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सड़क किनारे बिना ढक्कन वाले नाले वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा पैदा करते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। मानसून से पहले व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग
नगर परिषद इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। हाल ही में कोटा में खुले नाले से जुड़े हादसे के बावजूद बारां नगर परिषद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। शहर के मांगरोल रोड, बावजी नगर और कोटा रोड क्षेत्रों में यह समस्या सबसे अधिक है, जहां कई नालों के ढक्कन टूटे पड़े हैं या लगाए ही नहीं गए हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। पिछले दिनों गौसेवकों ने भी नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर खुले नालों को ढकने और क्षतिग्रस्त ढक्कनों की मरम्मत कराने की मांग की थी।
लोगों ने मानसून से पहले इन व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके और जनजीवन सुरक्षित रहे।


