सहरसा में अक्षय तृतीया के अवसर पर ब्राह्मण महासभा सहरसा ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत बनगांव स्थित परशुराम चौक पर हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। हवन-पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान परशुराम को नमन किया गया। ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष डब्बू मिश्रा के नेतृत्व में यह शोभायात्रा निकाली गई। इसमें मोटरसाइकिल, चारपहिया वाहन, रथ और गाजे-बाजे के साथ हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया
लाल-पीले पारंपरिक परिधान, पाग और चादर पहने लोग जयकारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। यात्रा बनगांव से शुरू होकर मत्स्यगंधा, आजाद स्मृति स्थल, वीर कुंवर सिंह चौक, थाना चौक, डीबी रोड, शंकर चौक, पंचवटी, बम्फर चौक और कोशी चौक होते हुए पुनः मत्स्यगंधा पर समाप्त हुई। इस दौरान शहर के कई स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। चिलचिलाती धूप के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डब्बू मिश्रा ने कहा कि भगवान परशुराम का अवतार अन्याय और बुराइयों के अंत के लिए हुआ था। उन्होंने समाज में मौजूद कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। सर्व समाज को साथ लेकर चलने की विचारधारा
प्रमंडलीय संयोजक रमण झा ने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है। कोषाध्यक्ष रौशन मिश्रा ने बताया कि ब्राह्मण महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सर्व समाज को साथ लेकर चलने की विचारधारा है। इस कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों और गांवों से आए लोगों की बड़ी भागीदारी देखी गई। शोभायात्रा के समापन पर मत्स्यगंधा स्थल पर श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम को नमन किया और समाज को सशक्त व एकजुट बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित थे। सहरसा में अक्षय तृतीया के अवसर पर ब्राह्मण महासभा सहरसा ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत बनगांव स्थित परशुराम चौक पर हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। हवन-पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान परशुराम को नमन किया गया। ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष डब्बू मिश्रा के नेतृत्व में यह शोभायात्रा निकाली गई। इसमें मोटरसाइकिल, चारपहिया वाहन, रथ और गाजे-बाजे के साथ हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया
लाल-पीले पारंपरिक परिधान, पाग और चादर पहने लोग जयकारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। यात्रा बनगांव से शुरू होकर मत्स्यगंधा, आजाद स्मृति स्थल, वीर कुंवर सिंह चौक, थाना चौक, डीबी रोड, शंकर चौक, पंचवटी, बम्फर चौक और कोशी चौक होते हुए पुनः मत्स्यगंधा पर समाप्त हुई। इस दौरान शहर के कई स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। चिलचिलाती धूप के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डब्बू मिश्रा ने कहा कि भगवान परशुराम का अवतार अन्याय और बुराइयों के अंत के लिए हुआ था। उन्होंने समाज में मौजूद कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। सर्व समाज को साथ लेकर चलने की विचारधारा
प्रमंडलीय संयोजक रमण झा ने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है। कोषाध्यक्ष रौशन मिश्रा ने बताया कि ब्राह्मण महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सर्व समाज को साथ लेकर चलने की विचारधारा है। इस कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों और गांवों से आए लोगों की बड़ी भागीदारी देखी गई। शोभायात्रा के समापन पर मत्स्यगंधा स्थल पर श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम को नमन किया और समाज को सशक्त व एकजुट बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।


