गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बक्सर के रामरेखा घाट स्थित पुराना विवाह मंडप परिसर में भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। राजकुमार चौबे के नेतृत्व में विश्वामित्र सेना एवं श्री गंगा आरती सेवा समिति ट्रस्ट, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा घाट “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। यह महाआरती बनारस की तर्ज पर विशेष रूप से सजाई गई थी। घाट को आकर्षक विद्युत सज्जा, दीपों और फूलों से भव्य रूप दिया गया था। शाम होते ही वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। गंगा तट पर मौजूद श्रद्धालु आरती के मनोहारी दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद राजकुमार चौबे ने मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती की। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और सनातन संस्कृति की रक्षा की कामना की। चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति और आस्था की पहचान हैं। उन्होंने गंगा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, जीवन और सभ्यता की आधारशिला बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विश्वामित्र सेना सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। घाट पर सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम गंगा महाआरती को देखने के लिए बक्सर शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आरती के दौरान घाट पर सुरक्षा एवं व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। भव्य गंगा आरती और दीपों से जगमगाता रामरेखा घाट लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे बक्सर की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला बताया। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बक्सर के रामरेखा घाट स्थित पुराना विवाह मंडप परिसर में भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। राजकुमार चौबे के नेतृत्व में विश्वामित्र सेना एवं श्री गंगा आरती सेवा समिति ट्रस्ट, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा घाट “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। यह महाआरती बनारस की तर्ज पर विशेष रूप से सजाई गई थी। घाट को आकर्षक विद्युत सज्जा, दीपों और फूलों से भव्य रूप दिया गया था। शाम होते ही वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। गंगा तट पर मौजूद श्रद्धालु आरती के मनोहारी दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद राजकुमार चौबे ने मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती की। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और सनातन संस्कृति की रक्षा की कामना की। चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति और आस्था की पहचान हैं। उन्होंने गंगा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, जीवन और सभ्यता की आधारशिला बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विश्वामित्र सेना सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। घाट पर सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम गंगा महाआरती को देखने के लिए बक्सर शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आरती के दौरान घाट पर सुरक्षा एवं व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। भव्य गंगा आरती और दीपों से जगमगाता रामरेखा घाट लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे बक्सर की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला बताया।


