नयी दिल्ली, एक नवंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तीन नवंबर को केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम में संसद और राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों की लोक लेखा समितियों (पीएसी) के सभापतियों के दो-दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन में सार्वजनिक व्यय की निगरानी, वित्तीय जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सम्मेलन का विषय ‘लेखा परीक्षा, जवाबदेही एवं सुशासन – लोक लेखा समिति की उभरती भूमिका’ रखा गया है।
उद्घाटन सत्र में केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केरलम विधानसभा के अध्यक्ष थिरुवनचूर राधाकृष्णन और राज्य विधानसभा की लोक लेखा समिति के सभापति के एन बालगोपाल भी शामिल होंगे तथा सम्मेलन को संबोधित करेंगे। संसद की लोक लेखा समिति के सभापति के सी वेणुगोपाल स्वागत भाषण देंगे, जबकि केरलम विधानसभा की उपाध्यक्ष शानिमोल उस्मान धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगी। सम्मेलन में संसद और विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों की लोक लेखा समितियों के सभापति एवं सदस्य एवं अन्य विशिष्ट अतिथि भी हिस्सा लेंगे।
इस दो-दिवसीय सम्मेलन के दौरान लोक लेखा समितियों के अनुभवों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा किया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक व्यय पर विधायी निगरानी को प्रभावी बनाने और शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने के उपायों पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों, लेखा परीक्षा के बदलते परिदृश्य और विधायी समीक्षा एवं निगरानी की प्रभावशीलता बढ़ाने की जरूरत पर भी चर्चा की जाएगी।
लोक लेखा समिति सरकारी खर्च की जांच करती हैं और यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल विधायिका की मंशा और मंजूरी के अनुरूप हो। सम्मेलन का समापन चार नवंबर को होगा। इस अवसर पर बिरला समापन सत्र को संबोधित करेंगे।
केरलम विधानसभा के अध्यक्ष और संसद की लोक लेखा समिति के सभापति भी अपने विचार रखेंगे। केरलम विधानसभा की उपाध्यक्ष स्वागत भाषण देंगी, जबकि राज्य विधानसभा की लोक लेखा समिति के सभापति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।

