Odisha DGP YB Khurania ने साइबर अपराध और नशे को बताया पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

Odisha DGP YB Khurania ने साइबर अपराध और नशे को बताया पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

ओडिशा के निवर्तमान डीजीपी वाई. बी. खुरानिया ने रविवार को कहा कि गांजा समेत मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना पुलिस के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं। अपने कार्यकाल के आखिरी दिन यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खुरानिया ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ओडिशा को नक्सल मुक्त राज्य घोषित किया जाना उनके दो साल के कार्यकाल के दौरान पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पिछले दो वर्षों में राज्य के विभिन्न जिलों में माओवादियों के खिलाफ ओडिशा पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियानों से संभव हो सकी।

इन अभियानों में 29 कट्टर माओवादी मारे गए, 83 ने आत्मसमर्पण किया और 15 को गिरफ्तार किया गया। खुरानिया ने कहा, मादक पदार्थों की तस्करी को रोकना हमारे सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। साइबर अपराध भी एक बड़ी चुनौती है।

सड़क सुरक्षा के आंकड़ों में सुधार की काफी गुंजाइश है। ये तीनों क्षेत्र ओडिशा पुलिस की प्राथमिकता में रहे हैं और उभरती परिस्थितियों से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मार्च 2029 तक ‘नशा मुक्त ओडिशा’ बनाने का लक्ष्य रखा है और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 20 नए साइबर थानों को मंजूरी दी है, जिन्होंने इसी साल मार्च से काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का धन्यवाद करते हुए खुरानिया ने कहा कि राज्य सरकार के मजबूत समर्थन और मार्गदर्शन के साथ-साथ जरूरी संसाधन मिलने से ओडिशा पुलिस की कार्यक्षमता, बुनियादी ढांचे और संचालन क्षमताओं को और मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने और ओडिशा पुलिस को अधिक कुशल, सशक्त और जन-केंद्रित प्रशासन की ओर ले जाने में उनका (खुरानिया का) नेतृत्व मिसाल कायम करने वाला रहा है।

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