शहर में बेतरतीब तरीके से लगाए जा रहे यूनिपोल, लॉलीपॉप मीडिया यूनिट और अन्य आउटडोर विज्ञापनों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब इसकी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) तक पहुंच गई है। नगर निगम के विज्ञापन विभाग में कथित तौर पर 11 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान के आरोप हैं। मामले में जांच के लिए ईओडब्ल्यू ने निगम से आउटडोर मीडिया पॉलिसी-2017 की प्रति सहित विज्ञापन ठेकों से संबंधित पूरी फाइल, टेंडर प्रक्रिया, नियमों और संबंधित अधिकारियों की जानकारी तलब की है। शिकायत है कि लॉलीपॉप मीडिया यूनिट (छोटे यूनिपोल) और यूनिपोल के माध्यम से विज्ञापन स्थलों के आवंटन में नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे निगम को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। हाल ही में निगम द्वारा सात वर्ष की अवधि के लिए किए गए विज्ञापन ठेकों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। ईओडब्ल्यू ने निगम के मार्केट विभाग से दो प्रमुख निविदाओं से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे हैं। इनमें प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा शर्तें, नोटशीट, निविदाकारों द्वारा जमा किए गए दस्तावेज व स्वीकृत निविदा की संपूर्ण फाइल शामिल है। जांच एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि विज्ञापन स्थलों के आवंटन और संचालन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। निगम से पूछा- लॉलीपॉप मीडिया यूनिट और यूनिपोल कब स्थापित किए ईओडब्ल्यू ने निगम से यह जानकारी भी मांगी है कि लॉलीपॉप मीडिया यूनिट और यूनिपोल कब स्थापित किए गए। इनके पूर्व ठेकेदार कौन थे और उनकी अवधि क्या थी। टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, टेंडर समिति के सदस्यों और संबंधित कर्मचारियों के नाम व उनकी वर्तमान पदस्थापना का ब्योरा भी मांगा है। सूत्रों के अनुसार निगम ने हाल ही में 7 साल के लिए टेंडर निकाले हैं, जिसे लेकर लगातार निगम को शिकायतें मिली हैं। छोटे आकार के विज्ञापन, निगम को देते हैं आय लॉलीपॉप मीडिया यूनिट सड़क किनारे लगाए जाने वाले छोटे आकार के विज्ञापन पोल होते हैं। इन्हें डिवाइडर, चौराहों और प्रमुख मार्गों पर स्थापित किया जाता है। इन पर व्यावसायिक विज्ञापन प्रदर्शित किए जाते हैं और इनके माध्यम से नगर निगम राजस्व अर्जित करता है।


