एसआई भर्ती 2021 पुन परीक्षा को लेकर RPSC को नोटिस:मूल परीक्षा में दोनों पेपर नहीं देने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा में शामिल करने की मांग

एसआई भर्ती 2021 पुन परीक्षा को लेकर RPSC को नोटिस:मूल परीक्षा में दोनों पेपर नहीं देने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा में शामिल करने की मांग

सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 रद्द होने के बाद सिंतबर में आयोजित हो रही पुन परीक्षा को लेकर आज हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को नोटिस जारी किए हैं। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने देवेन्द्र सैनी, प्रश्नजीत सिंह व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आरपीएससी से 20 मई तक जवाब मांगा हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि हमने मूल परीक्षा में आवेदन किया था। लेकिन किसी कारणवश भर्ती को दोनों पेपर नहीं दे पाए थे। लेकिन अब आयोग पुन भर्ती में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल कर रहा है, जिन्होने मूल परीक्षा में दोनों पेपर दिए थे। जबकि पहले रद्द होने वाली भर्ती परीक्षाओं के पुन आयोजन में सभी आवेदनकर्ताओं को शामिल किया गया हैं। लेकिन इस भर्ती में ऐसा नहीं किया जा रहा हैं। समानता के अधिकार का उल्लंखन
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता रविन्द्र सैनी, निखिल कुमावत व अन्य ने बहस करते हुए कहा कि इससे पहले आरपीएससी ने ईओ-आरओ भर्ती को रद्द करते हुए पुन परीक्षा आयोजित करवाई थी। जिसमें सभी आवेदनकर्ताओं को शामिल किया गया था। लेकिन एसआई भर्ती-2021 पुन परीक्षा में ऐसा नहीं करना संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 (समानता का अधिकार) का उल्लंखन हैं। उन्होने कोर्ट को बताया कि आयोग ने 8 मई को प्रेस नोट जारी करके मूल परीक्षा में दोनों पेपर देने वाले अभ्यर्थियों को ही 16 से 30 मई तक आवेदन एडिट करने का मौका दिया हैं। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से परीक्षा में शामिल करने की मांग की हैं। भर्ती में 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन
दरअसल, एसआई भर्ती-2021 में करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन उस समय 13-15 सितंबर 2021 में आयोजित हुई लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी ही बैठे थे। ऐसे में अब आयोग पुन परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को ही शामिल कर रहा हैं। कोर्ट ने रद्द कर दी थी भर्ती
राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रेल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था। खंडपीठ के इस फैसले को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया।

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