Noida Illegal Electricity Supply: नोएडा में बिजली चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बिजली सप्लाई के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पावर डिपार्टमेंट की जांच में पता चला कि दो लोगों ने अपने निजी ट्रांसफॉर्मर लगाकर 200 से ज्यादा घरों तक बिजली की अवैध सप्लाई का नेटवर्क खड़ा कर रखा था। मामला हिंडन फ्लडप्लेन और आसपास की अनधिकृत कॉलोनियों से जुड़ा है।
196 KVA का कनेक्शन, फिर 100 से ज्यादा घरों को सप्लाई
जांच के दौरान राधा कुंज कॉलोनी, पार्थला खंजरपुर निवासी रामपाल के कनेक्शन की पड़ताल की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, रामपाल के पास 196 KVA का अधिकृत लोड था। यह लोड सामान्य घरेलू जरूरत से काफी अधिक है और छोटे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या बड़े व्यावसायिक परिसर की जरूरत के बराबर बताया गया। पावर विभाग की टीम ने सोमवार को जांच की तो वहां निजी ट्रांसफॉर्मर और मीटरों के जरिए 100 से ज्यादा घरों को बिजली पहुंचाने की व्यवस्था मिली। यानी जिस कनेक्शन के लिए अधिकृत लोड लिया गया था, उससे आगे एक पूरा वितरण नेटवर्क खड़ा कर दिया गया था।
दूसरे मामले में करीब 120 उपभोक्ताओं तक पहुंच रही थी बिजली
इसी तरह पार्थला गांव निवासी छत्रु के मामले में भी जांच टीम को अनधिकृत बिजली वितरण का पता चला। छत्रु के पास 200 KVA का स्वीकृत कनेक्शन था, लेकिन जांच में करीब 120 उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने की व्यवस्था सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, छत्रु करीब 3.8 लाख रुपये का मासिक बिजली बिल चुका रहा था। इसके बावजूद आरोप है कि वह अनधिकृत उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध करा रहा था और इसके बदले प्रति कनेक्शन तथा यूनिट के हिसाब से रकम वसूल रहा था।
सरकारी दर से महंगी बिजली बेचने का आरोप
जांच में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, अनधिकृत उपभोक्ताओं से करीब 300 रुपये प्रति कनेक्शन और 11 रुपये प्रति यूनिट की दर से रकम लेने की बात सामने आई है। वहीं अधिकृत कनेक्शन की दर करीब 7.50 रुपये प्रति यूनिट बताई गई है। यानी एक तरफ अवैध कॉलोनियों और बस्तियों में रहने वाले लोग बिजली के लिए इन निजी नेटवर्क पर निर्भर थे, वहीं दूसरी तरफ इस व्यवस्था से कमाई का भी आरोप है।
बिजली विभाग ने जब्त किए तार, मीटर और उपकरण
पावर विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान दोनों स्थानों से तार, मीटर और बिजली वितरण से जुड़े उपकरण जब्त किए हैं। विभाग के मुताबिक, दोनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि अनधिकृत बिजली कनेक्शन के मामले में बिजली अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कमरे में मिला निजी ट्रांसफॉर्मर, नेटवर्क किया गया लॉक
जांच के दौरान रामपाल के यहां वह कमरा भी मिला, जहां समानांतर बिजली वितरण नेटवर्क के लिए ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था। अधिकारियों ने इस नेटवर्क को बंद कर लॉक कर दिया। बिजली विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि यह व्यवस्था कब से चल रही थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।
कनेक्शन काटने के बाद लोगों का विरोध
अवैध कनेक्शन काटे जाने के बाद इलाके में लोगों की परेशानी भी बढ़ गई। स्थानीय निवासियों ने अचानक बिजली काटे जाने को लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि कई परिवार इसी नेटवर्क के जरिए बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि बिजली विभाग का कहना है कि बिना वैध और अधिकृत कनेक्शन के बिजली सप्लाई जारी नहीं रखी जा सकती।
विधायक ने भी उठाया मामला
नोएडा विधायक पंकज सिंह ने भी इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक स्थिति की जानकारी पहुंचाने की बात कही है। वहीं विभाग की कार्रवाई के बीच अब बड़ा सवाल यह है कि अनधिकृत इलाकों में इतने बड़े स्तर पर बिजली का समानांतर नेटवर्क आखिर कितने समय से चल रहा था और इसकी निगरानी क्यों नहीं हो सकी?

