पन्ना में गैस की जांच, ONGC टीम ने लिए सैंपल:बोरवेल गैंस से हुई थी 3 मौतें; विशेषज्ञों ने कुओं-बोरवेल में उतरने की सावधानियां बताई

पन्ना में गैस की जांच, ONGC टीम ने लिए सैंपल:बोरवेल गैंस से हुई थी 3 मौतें; विशेषज्ञों ने कुओं-बोरवेल में उतरने की सावधानियां बताई

पवई जनपद के नारायणपुरा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान लेने वाले बोरवेल हादसे की वैज्ञानिक जांच शुरू हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए देहरादून से ओएनजीसी के विशेषज्ञों की टीम सोमवार, 31 अगस्त को गांव पहुंची। टीम ने बोरवेल से पानी और संदिग्ध गैस के रासायनिक नमूने लिए, जिन्हें मंगलवार को केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार नमूनों के विश्लेषण में करीब 2 से 3 सप्ताह लग सकते हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बोरवेल में कौन सी गैस मौजूद थी और उसके रिसाव के कारण क्या रहे। जांच के दौरान टीम ने ग्रामीणों को मानसून में कुएं और बोरवेल में उतरने के खतरों और जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी। बारिश में बढ़ जाता है गैस का खतरा विशेषज्ञों ने बताया कि बारिश के दौरान भूजल स्तर में बदलाव और भू-गर्भीय गतिविधियों के कारण कुएं या बोरवेल में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में विषैली गैसें जमा होने से नीचे उतरना जानलेवा हो सकता है। उन्होंने प्राथमिक जांच के लिए जलती मोमबत्ती को बाल्टी में रखकर रस्सी के सहारे नीचे उतारने का तरीका बताया। मोमबत्ती बुझने पर ऑक्सीजन की कमी का संकेत माना जा सकता है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसे पूर्ण सुरक्षा जांच नहीं बताया। 20 अगस्त को पिता और छोटे बेटे की मौत यह मामला 20 अगस्त का है। 55 वर्षीय उजागर लाल वर्मन बोरवेल में मोटर सुधारने के लिए उतरे थे। उन्हें अचेत देखकर 30 वर्षीय छोटे बेटे अतुल वर्मन ने बचाने के लिए बोरवेल में प्रवेश किया, लेकिन गैस और दम घुटने से दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद बोरवेल को सुरक्षित करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आठ दिन बाद बड़े बेटे की भी जान गई घटना के आठ दिन बाद 32 वर्षीय बड़ा बेटा सतीश वर्मन भी उसी बोरवेल के पास गया और हादसे का शिकार हो गया। उसकी मौत के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान जाने से ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता बढ़ गई। अब ओएनजीसी विशेषज्ञों की जांच से हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। ये खबरें भी पढ़े…

1.बोरवेल में उतरे बाप-बेटे की जहरीली गैस से मौत: मोटर सुधारने गए थे मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार दोपहर बोरवेल में जहरीली गैस से पिता-पुत्र का दम घुट गया। दोनों की बोरवेल के अंदर ही मौत हो गई। पिता-पुत्र मुटलन हार स्थित खेत पर मोटर सुधारने करीब 10 से 12 फीट गहरे बोरवेल में उतरे थे। कुछ देर बाद दोनों बेहोश हो गए। पढ़े पूरी खबर… 2.बोरवेल की गैस से 8 दिन में 3 मौतें: पिता-बेटे और बड़े बेटे की गई जान पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम नारायणपुरा में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बोरवेल से संदिग्ध गैस रिसाव के कारण आठ दिनों के भीतर परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। शुक्रवार देर शाम बड़े बेटे सतीश वर्मन (32) की भी उसी बोरवेल के कारण मौत हो गई। पढ़े पूरी खबर…

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