लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 12 सितंबर को प्रस्तावित इंदौर दौरे और कार्यक्रम स्थल को लेकर सियासत गरमा गई है। बीजेपी के इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर आयोजन के लिए 3 विकल्प सुझाए हैं। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जगह को लेकर भ्रम न फैलाए। जवाब में कांग्रेस के पूर्व संभागीय प्रवक्ता विवेक खंडेलवाल ने भी पलटवार करते हुए सुमित मिश्रा को पत्र लिखा और कहा कि राहुल गांधी के संवाद से बीजेपी को गहरी बेचैनी हो रही है। पत्र लिख बीजेपी ने 3 जगहों के विकल्प सुझाए भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने पत्र में लिखा कि मीडिया से जानकारी मिली है कि कांग्रेस को राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए जगह ढूंढने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने इंदौर की सौहार्दपूर्ण राजनीतिक परंपरा का हवाला देते हुए 3 विकल्प सुझाए हैं: पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव का जिक्र कर राहुल गांधी पर निशाना सुमित मिश्रा ने हाल ही में हुए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ छात्रसंघ चुनाव का जिक्र करते हुए एनएसयूआई (NSUI) के तीसरे स्थान पर रहने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि युवाओं का संदेश राहुल गांधी तक पहुंच चुका है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हमेशा सनातन हिंदू धर्म, भारत और वंदे मातरम के विरोध में खड़े रहते हैं और महात्मा गांधी की कांग्रेस को विसर्जित करने की अंतिम इच्छा पूरी कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस उनके सुझावों को गंभीरता से लेगी और इंदौर को लेकर दुष्प्रचार नहीं करेगी। कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व संभागीय प्रवक्ता विवेक खंडेलवाल ने भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के पत्र का जवाब देते हुए लिखा कि आपके पत्र से साफ है कि राहुल गांधी के संवाद से बीजेपी में गहरी बेचैनी है। लोकतंत्र में विपक्ष के कार्यक्रम से ऐसी घबराहट राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। खंडेलवाल ने कहा कि कार्यक्रम कहां होगा और कितने लोग आएंगे, इसका फैसला जनता करती है न कि बीजेपी कार्यालय। यदि बीजेपी में हिम्मत है तो युवाओं के सामने आकर बहस करे और बताए कि उनके भविष्य के लिए उसके पास क्या ठोस योजना है, पत्र लिखकर छिपने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता।

