अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन को भले ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा हो, लेकिन फिलहाल यहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, पूछताछ केंद्र न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय यात्रियों के अनुसार, स्टेशन पर कोई स्थायी पूछताछ केंद्र नहीं है, जिससे उन्हें ट्रेनों की सही समय-सारणी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने में दिक्कत आती है। ट्रेन में देरी या प्लेटफॉर्म बदलने जैसी जरूरी सूचनाएं समय पर नहीं मिल पातीं। टिकट काउंटर पर भी कई बार रेलकर्मी ध्यान नहीं देते, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति बन जाती है। ”यात्रा की शुरुआत ही तनावपूर्ण हो जाती” एक यात्री ने बताया, “ट्रेन का समय पता करने के लिए काउंटर पर घंटों इंतजार करना पड़ता है, और कभी-कभी तो जवाब भी नहीं मिलता। इससे यात्रा की शुरुआत ही तनावपूर्ण हो जाती है।” अररिया कोर्ट स्टेशन से रोजाना सैकड़ों यात्री आवागमन करते हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, फुट ओवर ब्रिज और अन्य आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके बावजूद, मौजूदा समय में यात्री सुविधाओं की कमी साफ दिख रही है, जिससे खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्टेशन अभी निर्माणाधीन – रेलवे स्टेशन मास्टर इस मामले पर अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन मास्टर अनिल मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्टेशन अभी निर्माणाधीन है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम चल रहा है। मिश्रा ने बताया कि ट्रेन आने से पहले माइक पर घोषणा की जाती है और टिकट काउंटर पर कर्मी यात्रियों को उपलब्ध जानकारी जरूर देते हैं। उन्होंने जल्द ही पूछताछ केंद्र सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने की बात कही। यात्रियों को होने वाली असुविधा से इनकार नहीं किया रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना का लक्ष्य स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाना है, जिसमें डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, स्वचालित पूछताछ प्रणाली और बेहतर यात्री सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा से इनकार नहीं किया। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के साथ-साथ अस्थायी पूछताछ व्यवस्था और डिजिटल सूचना बोर्ड तुरंत लगाए जाएं ताकि यात्री बिना परेशानी के यात्रा कर सकें। वर्तमान में स्टेशन पर सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार की जरूरत है। रेलवे के इस महत्वपूर्ण स्टेशन को यात्री-अनुकूल बनाने के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग बढ़ती जा रही है। अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन को भले ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा हो, लेकिन फिलहाल यहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, पूछताछ केंद्र न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय यात्रियों के अनुसार, स्टेशन पर कोई स्थायी पूछताछ केंद्र नहीं है, जिससे उन्हें ट्रेनों की सही समय-सारणी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने में दिक्कत आती है। ट्रेन में देरी या प्लेटफॉर्म बदलने जैसी जरूरी सूचनाएं समय पर नहीं मिल पातीं। टिकट काउंटर पर भी कई बार रेलकर्मी ध्यान नहीं देते, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति बन जाती है। ”यात्रा की शुरुआत ही तनावपूर्ण हो जाती” एक यात्री ने बताया, “ट्रेन का समय पता करने के लिए काउंटर पर घंटों इंतजार करना पड़ता है, और कभी-कभी तो जवाब भी नहीं मिलता। इससे यात्रा की शुरुआत ही तनावपूर्ण हो जाती है।” अररिया कोर्ट स्टेशन से रोजाना सैकड़ों यात्री आवागमन करते हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, फुट ओवर ब्रिज और अन्य आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके बावजूद, मौजूदा समय में यात्री सुविधाओं की कमी साफ दिख रही है, जिससे खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्टेशन अभी निर्माणाधीन – रेलवे स्टेशन मास्टर इस मामले पर अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन मास्टर अनिल मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्टेशन अभी निर्माणाधीन है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम चल रहा है। मिश्रा ने बताया कि ट्रेन आने से पहले माइक पर घोषणा की जाती है और टिकट काउंटर पर कर्मी यात्रियों को उपलब्ध जानकारी जरूर देते हैं। उन्होंने जल्द ही पूछताछ केंद्र सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने की बात कही। यात्रियों को होने वाली असुविधा से इनकार नहीं किया रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना का लक्ष्य स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाना है, जिसमें डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, स्वचालित पूछताछ प्रणाली और बेहतर यात्री सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा से इनकार नहीं किया। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के साथ-साथ अस्थायी पूछताछ व्यवस्था और डिजिटल सूचना बोर्ड तुरंत लगाए जाएं ताकि यात्री बिना परेशानी के यात्रा कर सकें। वर्तमान में स्टेशन पर सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार की जरूरत है। रेलवे के इस महत्वपूर्ण स्टेशन को यात्री-अनुकूल बनाने के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग बढ़ती जा रही है।


