करहीभदर में यात्री बस पलटी, कंडक्टर की मौत; 20 से ज्यादा घायल

करहीभदर में यात्री बस पलटी, कंडक्टर की मौत; 20 से ज्यादा घायल

बालोद से धमतरी जा रही डीआरडी कंपनी की 24 सीटर यात्री बस शनिवार सुबह 9.30 करहीभदर के पास अनियंत्रित होकर खेत में पलट गई। जिससे बस कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। 20 से अधिक यात्री घायल हो गए हैं। बस में 35 से अधिक यात्री सवार होना बताया जा रहा है।
बालोद जिले के करहीभदर में शनिवार सुबह बालोद से धमतरी जा रही डीआरडी कंपनी की यात्री बस (सीजी 04 जेसी 1253) अनियंत्रित होकर पेट्रोल पंप के पास खेत में पलट गई। हादसे में बस कंडक्टर प्रकाश कुमार यादव (34), निवासी अछोला की मौके पर मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। हादसा सुबह करीब 9.30 बजे हुआ। हादसे ने जिले की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बस पलटते ही मची चीख-पुकार

हादसे के समय बस में 35 से अधिक यात्रियों के सवार होने की जानकारी सामने आई है। बस पलटते ही यात्री अंदर फंस गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और राहगीरों ने खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल बालोद और सीएचसी गुरुर भेजा गया। कुछ घायलों को उनके परिजन निजी अस्पताल लेकर गए। कंडक्टर प्रकाश बस के मुख्य गेट के पास खड़ा था। बस पलटने के दौरान वह उसके नीचे दब गया। उसे निकालने के लिए नगर सेना के जवानों को कटर मशीन से बस का हिस्सा काटना पड़ा। काफी प्रयास के बाद शव बाहर निकाला जा सका।

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पट्टा टूटने की बात, चालक पर भी सवाल

प्रारंभिक जानकारी में बस का पट्टा टूटने से वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों कृष्णाराम और दामिनी ने चालक के बस चलाते समय मोबाइल पर बात करने का दावा किया। हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

ये हुए घायल

घायलों में हेमंत कुमार, सियाराम, दामिन, ईश्वरी बाई, ननकी साहू, बेदू बाई, तिलांजलि, कृष्णाराम, 7 वर्षीय दिया और देवकी सहित अन्य यात्री शामिल हैं। हादसे में बच्चों और बुजुर्गों के घायल होने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

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क्षमता से ज्यादा सवारी का सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल बस की क्षमता को लेकर है। जानकारी के मुताबिक बस में बैठने की क्षमता 24 यात्रियों की है, जबकि घटना के समय 30 से 35 से अधिक यात्री सवार थे। यदि यह जानकारी जांच में सही पाई जाती है तो यह परिवहन नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।

विधायक ने उठाया फिटनेस जांच का मुद्दा

हादसे की सूचना पर संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा जिला अस्पताल पहुंचीं और घायलों का हाल जाना। उन्होंने परिवहन विभाग से बसों की फिटनेस जांच पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

जिले में पहले भी हो चुके हैं बड़े बस हादसे

  • केस-1 – 9 अप्रैल 2026: कुसुमकसा
  • दुर्ग से दल्लीराजहरा जा रही पायल बस एनएच-930 पर करीब 40 फीट नीचे रेलवे ट्रैक की खाई में जा गिरी। हादसे में 15 से अधिक यात्री घायल हुए थे।
  • केस-2 – 15 मार्च 2026: जगतरा
  • एनएच-30 पर स्लीपर बस की लकड़ी से लदी माजदा से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में आठ यात्री घायल हुए थे।
  • केस-3 – जून 2022: अर्जुंदा
  • अर्जुंदा में हुए निजी बस हादसे में कंडक्टर की मौत हो गई थी, जबकि 17 यात्री घायल हुए थे।
  • सवाल : लगातार हादसों के बावजूद बसों की फिटनेस, ओवरलोडिंग और सड़क पर संचालन की निगरानी कितनी प्रभावी है?

जांच व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा

जिला परिवहन अधिकारी योगेश भंडारी ने कहा कि बसों की समय-समय पर फिटनेस जांच की जाती है और अनफिट वाहनों पर कार्रवाई भी होती है। दुर्घटनाग्रस्त बस की भी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही बस की जांच की गई थी और आगे जांच व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

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