Nida Fazli Shayari: कहां चराग़ जलाएं कहां गुलाब रखें, छतें तो मिलती हैं लेकिन मकाँ नहीं मिलता, अगर आप शेरों शायरी के शौकीन हैं तो यहां पढ़ें निदा फाज़ली की मशहूर शायरी।
Nida Fazli Shayari: अब किसी से भी शिकायत न रही…यहां पढ़ें निदा फाज़ली की शायरी
Nida Fazli Shayari: कहां चराग़ जलाएं कहां गुलाब रखें, छतें तो मिलती हैं लेकिन मकाँ नहीं मिलता, अगर आप शेरों शायरी के शौकीन हैं तो यहां पढ़ें निदा फाज़ली की मशहूर शायरी।