NIA raid on TMC leader: एनआईए की विशेष टीम पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के आवास पर पहुंची और मामले से जुड़े संभावित संबंधों की जांच के लिए कई अहम जानकारियां जुटाईं।
Bhangar Bomb Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को पूर्व विधायक और TMC नेता शौकत मोल्ला के आवास पर छापा मारा और उनसे पूछताछ की। यह कार्रवाई विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए उस बम विस्फोट मामले में की गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस विस्फोट की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग के बाद मामला NIA को सौंपा गया था। जांच अपने हाथ में लेने के बाद एजेंसी अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें TMC नेता वहीदुल इस्लाम भी शामिल हैं।
गुरुवार सुबह एनआईए की विशेष टीम TMC के पूर्व विधायक के आवास पर पहुंची और मामले से जुड़े संभावित संबंधों की जांच के लिए कई अहम जानकारियां जुटाईं। इस दौरान मोल्ला की पत्नी और बेटी भी घर के अंदर जाती हुई दिखाई दीं। हालांकि उनकी बेटी ने इसको लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
79 देसी बम बरामदगी मामले की भी जांच कर रही NIA
इस बीच, NIA ने 27 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में देसी बमों की बरामदगी के मामले को भी अपने हाथ में ले लिया है। एजेंसी ने इस घटना में आतंकवादी गतिविधियों के संभावित एंगल को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर नई एफआईआर दर्ज की है।
NIA के अनुसार, यह मामला 25 अप्रैल को कोलकाता पुलिस द्वारा बरामद किए गए 79 देसी बमों और अन्य आपत्तिजनक सामग्रियों से जुड़ा है। एजेंसी का कहना है कि इन विस्फोटकों को ऐसे स्थान पर छिपाकर रखा गया था, जिससे आम लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा था।
कब और कहां से मिले थे बम?
बता दें कि मामला 25 अप्रैल 2026 को उत्तर काशीपुर थाना, भांगर डिवीजन में FIR संख्या 62/2026 के तहत दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धाराएं लगाई गई थीं।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दक्षिण 24 परगना जिले के मझेरहाट के पोइलपाड़ा इलाके में कब्रिस्तान के पास स्थित एक परित्यक्त मकान में देसी बम और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री छिपाकर रखी गई है।
सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने जूट की रस्सियों से बंधी हुई 79 गोलाकार संदिग्ध देसी बमों के साथ अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया था।
फिलहाल NIA इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन विस्फोटकों के पीछे किस नेटवर्क का हाथ था और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।


