जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में परिवारवाद और नेताओं की शैक्षणिक योग्यता को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बेतिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये आरोप लगाए। किशोर ने कहा कि बिहार की राजनीति में परिवारवाद लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता कभी इसके विरोध में मुखर रहे, वे भी अब इस व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। ‘सालों तक परिवारवाद के खिलाफ भाषण देते रहे’ प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सालों तक परिवारवाद के खिलाफ भाषण देते रहे, लेकिन आज उनके परिवार के सदस्य भी सत्ता और राजनीति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा पर भी आरोप लगाया कि उनके पुत्र सरकार में मंत्री पद पर हैं। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार का एक बड़ा हिस्सा भी राजनीति और सरकार में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। योग्य और ईमानदार नेतृत्व को चुनने की अपील की पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के परिवार के कई सदस्यों के भी सत्ता में प्रभावशाली पदों पर होने का उल्लेख प्रशांत किशोर ने किया। जन सुराज के सूत्रधार ने बिहार की जनता से परिवार आधारित राजनीति से ऊपर उठकर योग्य और ईमानदार नेतृत्व को चुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अवसर किसी एक परिवार तक सीमित नहीं होने चाहिए। शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी कटाक्ष किया इस दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा फिजिक्स विश्वविद्यालय खोलने संबंधी दिए गए बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राज्य के शीर्ष नेताओं को शिक्षा और शैक्षणिक विषयों पर बोलते समय गंभीरता और स्पष्टता बरतनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी कटाक्ष किया। किशोर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सम्राट चौधरी के पास “अद्भुत ज्ञान और अद्भुत डिग्री” है और वे अलग-अलग अवसरों पर अपनी शिक्षा को लेकर भिन्न-भिन्न दावे करते नजर आते हैं। प्रशांत किशोर के इन बयानों के बाद बिहार की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में परिवारवाद और नेताओं की शैक्षणिक योग्यता को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बेतिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये आरोप लगाए। किशोर ने कहा कि बिहार की राजनीति में परिवारवाद लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता कभी इसके विरोध में मुखर रहे, वे भी अब इस व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। ‘सालों तक परिवारवाद के खिलाफ भाषण देते रहे’ प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सालों तक परिवारवाद के खिलाफ भाषण देते रहे, लेकिन आज उनके परिवार के सदस्य भी सत्ता और राजनीति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा पर भी आरोप लगाया कि उनके पुत्र सरकार में मंत्री पद पर हैं। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार का एक बड़ा हिस्सा भी राजनीति और सरकार में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। योग्य और ईमानदार नेतृत्व को चुनने की अपील की पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के परिवार के कई सदस्यों के भी सत्ता में प्रभावशाली पदों पर होने का उल्लेख प्रशांत किशोर ने किया। जन सुराज के सूत्रधार ने बिहार की जनता से परिवार आधारित राजनीति से ऊपर उठकर योग्य और ईमानदार नेतृत्व को चुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अवसर किसी एक परिवार तक सीमित नहीं होने चाहिए। शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी कटाक्ष किया इस दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा फिजिक्स विश्वविद्यालय खोलने संबंधी दिए गए बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राज्य के शीर्ष नेताओं को शिक्षा और शैक्षणिक विषयों पर बोलते समय गंभीरता और स्पष्टता बरतनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी कटाक्ष किया। किशोर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सम्राट चौधरी के पास “अद्भुत ज्ञान और अद्भुत डिग्री” है और वे अलग-अलग अवसरों पर अपनी शिक्षा को लेकर भिन्न-भिन्न दावे करते नजर आते हैं। प्रशांत किशोर के इन बयानों के बाद बिहार की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।


