मोतिहारी के कैथवलिया में निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर परिसर में अब भगवान नंदी की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अयोध्या में रामलला की दिव्य प्रतिमा बनाने वाले प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज इस 18 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करेंगे। किशोर कुणाल ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव किशोर कुणाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नंदी भगवान की यह प्रतिमा लगभग 18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी। इसके स्थापित होने से मंदिर परिसर की भव्यता और आध्यात्मिक महत्व में वृद्धि होगी। परियोजना की गति प्रभावित नहीं होगी कुणाल ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा निर्माण के दौरान मंदिर के अन्य हिस्सों का निर्माण कार्य जारी रहेगा। जिस स्थान पर नंदी जी की प्रतिमा स्थापित होनी है, केवल उस हिस्से को छोड़कर बाकी सभी कार्य बिना किसी बाधा के चलते रहेंगे, जिससे परियोजना की गति प्रभावित नहीं होगी। शिल्पकार ने निर्माणाधीन मंदिर का दौरा किया शिल्पकार अरुण योगीराज ने शनिवार को निर्माणाधीन मंदिर स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की विस्तृत रूपरेखा का अवलोकन किया और न्यास समिति के सदस्यों के साथ गहन चर्चा की। बैठक में सचिव किशोर कुणाल और सदस्य आर. शेषाद्री सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इस मंदिर परिसर में पहले ही विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जा चुका है। अब नंदी भगवान की विशाल प्रतिमा के जुड़ने से यह परिसर धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बन जाएगा। मोतिहारी के कैथवलिया में निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर परिसर में अब भगवान नंदी की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अयोध्या में रामलला की दिव्य प्रतिमा बनाने वाले प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज इस 18 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करेंगे। किशोर कुणाल ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव किशोर कुणाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नंदी भगवान की यह प्रतिमा लगभग 18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी। इसके स्थापित होने से मंदिर परिसर की भव्यता और आध्यात्मिक महत्व में वृद्धि होगी। परियोजना की गति प्रभावित नहीं होगी कुणाल ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा निर्माण के दौरान मंदिर के अन्य हिस्सों का निर्माण कार्य जारी रहेगा। जिस स्थान पर नंदी जी की प्रतिमा स्थापित होनी है, केवल उस हिस्से को छोड़कर बाकी सभी कार्य बिना किसी बाधा के चलते रहेंगे, जिससे परियोजना की गति प्रभावित नहीं होगी। शिल्पकार ने निर्माणाधीन मंदिर का दौरा किया शिल्पकार अरुण योगीराज ने शनिवार को निर्माणाधीन मंदिर स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की विस्तृत रूपरेखा का अवलोकन किया और न्यास समिति के सदस्यों के साथ गहन चर्चा की। बैठक में सचिव किशोर कुणाल और सदस्य आर. शेषाद्री सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इस मंदिर परिसर में पहले ही विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जा चुका है। अब नंदी भगवान की विशाल प्रतिमा के जुड़ने से यह परिसर धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बन जाएगा।


