संभल में सार्वजनिक भूमि पर नमाज विवाद:इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से असहमति, सांसद जियाउर्रहमान बर्क बोले- जरूरत पड़ी तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

संभल में सार्वजनिक भूमि पर नमाज विवाद:इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से असहमति, सांसद जियाउर्रहमान बर्क बोले- जरूरत पड़ी तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने गांव इकौना में सार्वजनिक भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति से जुड़ी याचिका को खारिज करने वाले फैसले पर असहमति जताई है। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सुनाया था। अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में सांसद बर्क ने कहा कि वे न्यायालय के हर आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन असहमति जताना भी लोकतंत्र और संविधान की खूबसूरती है। सांसद बर्क ने कहा कि सार्वजनिक स्थान किसी एक वर्ग विशेष की संपत्ति नहीं होते, बल्कि उनका उपयोग सभी लोगों के लिए होता है। उनके अनुसार, गांव हो या शहर, सार्वजनिक भूमि का उपयोग समान रूप से सभी को मिलना चाहिए। आगे सुप्रीम कोर्ट जाने के संकेत उन्होंने बताया कि वे इस पूरे मामले पर अपने वकीलों से कानूनी राय लेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो वे सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं। गौरतलब है कि गुन्नौर तहसील के गांव इकौना में सार्वजनिक भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। यह फैसला न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद और सरल श्रीवास्तव की पीठ ने सुनाया था।

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