नवादा में ‘गांव से AI तक’ फिल्म का मुहूर्त:ओरैना पंचायत की AI समिट यात्रा पर आधारित है यह शॉर्ट फिल्म

नवादा में ‘गांव से AI तक’ फिल्म का मुहूर्त:ओरैना पंचायत की AI समिट यात्रा पर आधारित है यह शॉर्ट फिल्म

नवादा के द सेलिब्रेशन होटल में शनिवार को शॉर्ट फिल्म ‘गांव से AI तक’ का शुभ मुहूर्त संपन्न हुआ। यह फिल्म बिहार की ओरैना पंचायत की प्रेरणादायक यात्रा पर आधारित है। यह बिहार की उस पहली पंचायत की कहानी दर्शाती है, जिसने अपने बच्चों को बिहार AI समिट 2026 में भाग लेने के लिए भेजा था। ओरैना पंचायत ने अपने बच्चों को AI समिट में भेजकर एक ऐतिहासिक पहल की थी। अब इसी पहल को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया जा रहा है। इस अवसर पर फिल्म से जुड़े कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मुख्य पार्षद ने किया उद्घाटन कार्यक्रम का उद्घाटन नवादा नगर परिषद की मुख्य पार्षद पिंकी कुमार और पूर्व मुख्य पार्षद संजय साव ने किया। ‘गांव से AI तक’ बिहार के ग्रामीण क्षेत्र के उन बच्चों की वास्तविक प्रेरक यात्रा पर केंद्रित है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद AI समिट में भाग लेकर तकनीकी दुनिया से परिचय प्राप्त किया। फिल्म में यह दर्शाया जाएगा कि बच्चों और उनके अभिभावकों को किस प्रकार जागरूक किया गया और उन्हें इस महत्वपूर्ण सम्मेलन तक पहुँचाने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं सहयोग की व्यवस्था कैसे की गई। प्रशांत मानव प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे इस फिल्म का निर्देशन सागर इंडिया कर रहे हैं, जबकि संजय साव इसके निर्माता हैं। फिल्म का निर्माण पारू एंटरटेनमेंट के बैनर तले हो रहा है, जिसमें बिहार छात्र संसद सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ी है। कास्टिंग का कार्य काशिका कास्टिंग ने संभाला है। अनुराधा पंडित, राज लक्ष्मी, आदित्य आर्यन और प्रशांत मानव प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे। प्रशांत मानव फिल्म में ग्रामीण बच्चों को तकनीकी शिक्षा और अवसरों से जोड़ने वाले एक प्रेरक सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। शुभ मुहूर्त समारोह में ‘मगहिया गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ मुदगल हीरा सहित फिल्म की पूरी टीम और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। नवाचार के क्षेत्र में छू सकते है नई ऊंचाइयां फिल्म निर्माताओं के अनुसार, ‘गांव से AI तक’ केवल एक शॉर्ट फिल्म नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों, शिक्षा, तकनीकी नवाचार और बदलते भारत की कहानी है। यह फिल्म समाज को यह संदेश देगी कि उचित अवसर मिलने पर गांव के बच्चे भी विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकते हैं। नवादा के द सेलिब्रेशन होटल में शनिवार को शॉर्ट फिल्म ‘गांव से AI तक’ का शुभ मुहूर्त संपन्न हुआ। यह फिल्म बिहार की ओरैना पंचायत की प्रेरणादायक यात्रा पर आधारित है। यह बिहार की उस पहली पंचायत की कहानी दर्शाती है, जिसने अपने बच्चों को बिहार AI समिट 2026 में भाग लेने के लिए भेजा था। ओरैना पंचायत ने अपने बच्चों को AI समिट में भेजकर एक ऐतिहासिक पहल की थी। अब इसी पहल को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया जा रहा है। इस अवसर पर फिल्म से जुड़े कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मुख्य पार्षद ने किया उद्घाटन कार्यक्रम का उद्घाटन नवादा नगर परिषद की मुख्य पार्षद पिंकी कुमार और पूर्व मुख्य पार्षद संजय साव ने किया। ‘गांव से AI तक’ बिहार के ग्रामीण क्षेत्र के उन बच्चों की वास्तविक प्रेरक यात्रा पर केंद्रित है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद AI समिट में भाग लेकर तकनीकी दुनिया से परिचय प्राप्त किया। फिल्म में यह दर्शाया जाएगा कि बच्चों और उनके अभिभावकों को किस प्रकार जागरूक किया गया और उन्हें इस महत्वपूर्ण सम्मेलन तक पहुँचाने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं सहयोग की व्यवस्था कैसे की गई। प्रशांत मानव प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे इस फिल्म का निर्देशन सागर इंडिया कर रहे हैं, जबकि संजय साव इसके निर्माता हैं। फिल्म का निर्माण पारू एंटरटेनमेंट के बैनर तले हो रहा है, जिसमें बिहार छात्र संसद सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ी है। कास्टिंग का कार्य काशिका कास्टिंग ने संभाला है। अनुराधा पंडित, राज लक्ष्मी, आदित्य आर्यन और प्रशांत मानव प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे। प्रशांत मानव फिल्म में ग्रामीण बच्चों को तकनीकी शिक्षा और अवसरों से जोड़ने वाले एक प्रेरक सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। शुभ मुहूर्त समारोह में ‘मगहिया गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ मुदगल हीरा सहित फिल्म की पूरी टीम और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। नवाचार के क्षेत्र में छू सकते है नई ऊंचाइयां फिल्म निर्माताओं के अनुसार, ‘गांव से AI तक’ केवल एक शॉर्ट फिल्म नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों, शिक्षा, तकनीकी नवाचार और बदलते भारत की कहानी है। यह फिल्म समाज को यह संदेश देगी कि उचित अवसर मिलने पर गांव के बच्चे भी विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकते हैं।  

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