सांसद कौशलेंद्र बोले- नीतीश के दिखाए रास्ते पर ही विकास:डेवलमेंट कार्य को बढ़ाना सीएम सम्राट की चुनौती, जनता में नीतीश का सम्मान बरकरार

सांसद कौशलेंद्र बोले- नीतीश के दिखाए रास्ते पर ही विकास:डेवलमेंट कार्य को बढ़ाना सीएम सम्राट की चुनौती, जनता में नीतीश का सम्मान बरकरार

बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर नालंदा के जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। सांसद ने नए मुख्यमंत्री और जदयू कोटे से बने दोनों उपमुख्यमंत्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कहा कि नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नीतीश कुमार के विकास के कीर्तिमानों को आगे बढ़ाने की होगी। सीएम सम्राट चौधरी के पास अब नीतीश कुमार के विकास कार्यों की लकीर को और बड़ा करने की एक बेहद चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्हें बिहार के विकास के लिए नीतीश कुमार के बताए रास्ते पर ही चलना होगा। सांसद कौशलेंद्र कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान यह साफ तौर पर महसूस किया गया कि बिहार की जनता के दिलों में नीतीश कुमार के लिए आज भी वही पुराना सम्मान और खास जगह बरकरार है।
शीर्ष नेता बंगाल चुनाव की रणनीतियों और प्रचार में व्यस्त मंत्रिमंडल विस्तार और जदयू की हिस्सेदारी पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सांसद ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री का पद संवैधानिक रूप से सीमित है और 2 से अधिक उपमुख्यमंत्री नहीं बनाए जा सकते। जहां तक कैबिनेट के पूर्ण विस्तार की बात है, तो वर्तमान में गठबंधन के तमाम वरिष्ठ और शीर्ष नेता बंगाल चुनाव की रणनीतियों और प्रचार में व्यस्त हैं। नेताओं की इसी व्यस्तता के कारण मंत्रिमंडल का विस्तार फिलहाल टाल दिया गया है और अब 4 तारीख के बाद ही नए मंत्रियों के नाम तय कर उन्हें शपथ दिलाई जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए गठबंधन को भी मजबूती मिलेगी
वहीं, नीतीश कुमार के भविष्य की राजनीति पर चर्चा करते हुए सांसद ने उनके केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होने के संकेतों की पुष्टि की। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि नीतीश कुमार अब दिल्ली का रुख करेंगे और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। कौशलेंद्र कुमार का मानना है कि नीतीश कुमार के इस कदम से न केवल जदयू बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए गठबंधन को भी मजबूती मिलेगी और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ पूरे देश को मिलेगा। सांसद के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि भले ही प्रदेश की कमान नए हाथों में हो, लेकिन सरकार की वैचारिक धुरी और विकास का मॉडल अभी भी नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द ही रहने वाला है। बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर नालंदा के जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। सांसद ने नए मुख्यमंत्री और जदयू कोटे से बने दोनों उपमुख्यमंत्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कहा कि नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नीतीश कुमार के विकास के कीर्तिमानों को आगे बढ़ाने की होगी। सीएम सम्राट चौधरी के पास अब नीतीश कुमार के विकास कार्यों की लकीर को और बड़ा करने की एक बेहद चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्हें बिहार के विकास के लिए नीतीश कुमार के बताए रास्ते पर ही चलना होगा। सांसद कौशलेंद्र कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान यह साफ तौर पर महसूस किया गया कि बिहार की जनता के दिलों में नीतीश कुमार के लिए आज भी वही पुराना सम्मान और खास जगह बरकरार है।
शीर्ष नेता बंगाल चुनाव की रणनीतियों और प्रचार में व्यस्त मंत्रिमंडल विस्तार और जदयू की हिस्सेदारी पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सांसद ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री का पद संवैधानिक रूप से सीमित है और 2 से अधिक उपमुख्यमंत्री नहीं बनाए जा सकते। जहां तक कैबिनेट के पूर्ण विस्तार की बात है, तो वर्तमान में गठबंधन के तमाम वरिष्ठ और शीर्ष नेता बंगाल चुनाव की रणनीतियों और प्रचार में व्यस्त हैं। नेताओं की इसी व्यस्तता के कारण मंत्रिमंडल का विस्तार फिलहाल टाल दिया गया है और अब 4 तारीख के बाद ही नए मंत्रियों के नाम तय कर उन्हें शपथ दिलाई जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए गठबंधन को भी मजबूती मिलेगी
वहीं, नीतीश कुमार के भविष्य की राजनीति पर चर्चा करते हुए सांसद ने उनके केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होने के संकेतों की पुष्टि की। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि नीतीश कुमार अब दिल्ली का रुख करेंगे और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। कौशलेंद्र कुमार का मानना है कि नीतीश कुमार के इस कदम से न केवल जदयू बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए गठबंधन को भी मजबूती मिलेगी और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ पूरे देश को मिलेगा। सांसद के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि भले ही प्रदेश की कमान नए हाथों में हो, लेकिन सरकार की वैचारिक धुरी और विकास का मॉडल अभी भी नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द ही रहने वाला है।  

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