यंग साइंटिस्ट इंडिया के फाइनल में बेमेतरा के 11 स्टूडेंट्स:5 हजार में से देश के 66 विद्यार्थियों का चयन,21-22 नवंबर को चेन्नई में फाइनल

यंग साइंटिस्ट इंडिया के फाइनल में बेमेतरा के 11 स्टूडेंट्स:5 हजार में से देश के 66 विद्यार्थियों का चयन,21-22 नवंबर को चेन्नई में फाइनल

बेमेतरा जिले के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता के 11 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता ‘यंग साइंटिस्ट इंडिया’ के ग्रैंड फिनाले के लिए चयन हुआ है। इनमें 4 छात्राएं भी शामिल हैं। देशभर से करीब 5 हजार विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इनमें से केवल 66 विद्यार्थियों को फाइनल के लिए चुना गया है। छत्तीसगढ़ के इस स्कूल के 11 विद्यार्थियों ने इसमें जगह बनाई है। 21 और 22 नवंबर को चेन्नई में होगा फाइनल स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 21 और 22 नवंबर को चेन्नई में होगा। यहां चयनित विद्यार्थी अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा दिखाएंगे। यह प्रतियोगिता मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति में विश्व छात्र दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही है। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को चेन्नई स्थित राजभवन में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। स्कूल के 45 विद्यार्थी बन चुके हैं युवा वैज्ञानिक डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता के विद्यार्थी पहले भी इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। स्कूल के अनुसार, इससे पहले 34 विद्यार्थी युवा वैज्ञानिक के रूप में चयनित होकर सम्मानित हो चुके हैं। अब 11 और विद्यार्थियों के चयन के बाद यह संख्या बढ़कर 45 हो गई है। इन 11 विद्यार्थियों का हुआ चयन ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित विद्यार्थियों में 4 छात्राएं और 7 छात्र शामिल हैं। छात्राएं: पूर्वी जायसवाल, नम्रता पटेल, आंचल साहू और दुलैरिन साहू। छात्र: राज ध्रुव, लिकेश चंद्राकर, आदित्य पटेल, मोक्ष साहू, अजय सेन, नमन साहू और निखिल निर्मलकर। प्राचार्य बोले- ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रतिभा की कमी नहीं स्कूल के प्राचार्य पीएल जायसवाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर करीब 5 हजार विद्यार्थियों के बीच स्कूल के 11 विद्यार्थियों का चयन होना बेमेतरा जिले और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। इससे साबित होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर देने की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और पालकों के सहयोग को दिया। विद्यार्थियों के चयन से स्कूल और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

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