Morning Heel Pain Cause: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह बिस्तर से पैर नीचे रखते ही एड़ी में सुई चुभने जैसा तेज दर्द होता है? लेकिन जैसे ही आप दस-पंद्रह कदम चलते हैं, दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है और आप नॉर्मल हो जाते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एड़ी का दर्द एक ऐसी समस्या है जो पैर और टखने (ankle) में सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। इसमें आपको एड़ी में कहीं भी दर्द, सूजन या छूने पर दर्द महसूस हो सकता है। प्लांटर फेसाइटिस (पैर के तलवे की पट्टी में सूजन) और अकिलीस टेंडिनाइटिस (एड़ी के पीछे की नस में खिंचाव या सूजन) इसके दो प्रमुख कारण हो सकते हैं।
सुबह उठते ही दर्द क्यों बढ़ता है?
डॉक्टर संदीप यादव (ऑर्थोपेडिक सर्जन) के अनुसार, सुबह यदि का दर्द बढ़ने के कारण निम्न हैं,
1. रात की सिकुड़न- जब हम रात को सोते हैं, तो हमारे पैर आराम की स्थिति में नीचे की तरफ झुके होते हैं। इस दौरान वह सूजी हुई पट्टी (प्लांटर फासा) छोटी और सिकुड़ जाती है। रातभर में शरीर उस हिस्से को हील (ठीक) करने की कोशिश करता है, जिससे वह पट्टी उसी छोटी स्थिति में ही जाम होने लगती है।
2. सुबह का पहला कदम- जैसे ही आप सुबह उठकर पहला कदम जमीन पर रखते हैं, तो शरीर का पूरा वजन उस सिकुड़ी हुई पट्टी पर पड़ता है। इससे वह अचानक जोर से खिंचती है। यह खिंचाव इतना तेज होता है कि रातभर में जो टिशू थोड़े बहुत जुड़ने शुरू हुए थे, वे फिर से खिंच जाते हैं। यही वजह है कि पहला कदम रखते ही बहुत तेज दर्द होता है।
चलने पर क्यों मिलता है आराम?
जब आप लगातार कुछ कदम चलते रहते हैं, तो उस एरिया में धीरे-धीरे ब्लड सर्कुलेशन (खून का दौरा) बढ़ता है। चलने-फिरने से वह टिशू स्ट्रेच होता है यानी उसमें लचीलापन आ जाता है। जैसे-जैसे ढ़ीलापन आता है वैसे ही दर्द अपने आप कम होने लगता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, बड़ी उम्र के लोगों में एड़ी का दर्द आम समस्या है। यह दर्द एड़ी की हड्डी बढ़ जाना या उसमें खराबी आना, वहां के सॉफ्ट टिशूज (नरम मांसपेशियों और पट्टियों) में खिंचाव या सूजन के कारण हो सकता है।
किन लोगों को होता है इसका सबसे ज्यादा खतरा?
- लगातार खड़े रहना।
- बहुत ज्यादा फ्लैट (सपाट) चप्पलें पहनना।
- अचानक वजन बढ़ना।
सुबह उठते ही होने वाले एड़ी के दर्द से कैसे बचें?
- बिस्तर छोड़ने से पहले अपने पैर के पंजों को अपनी तरफ खींचें और दस सेकंड तक रोककर रखें।
- दिन में दो से तीन बार एड़ी के नीचे बर्फ के टुकड़े को गोल-गोल घुमाएं।
- घर के अंदर भी नंगे पैर चलने से बचें।
- अपने वजन को कंट्रोल में रखें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


