17 साल के बेटे ने मां के खाते से करीब 33 लाख रुपए अपने पड़ोसी के खाते में ट्रांसफर कर दिया। पड़ोसी ने इस पैसे से कार, स्कूटी और ज्वेलरी खरीद ली। परिवार के साथ वाराणसी का टूर भी कर लिया। इसके अलावा भी खरीदारी की। इस मामले में राजीवनगर की रहने वाली शिक्षिका ने अपने पड़ोसी अनिल, उसके भाई और बेटे पर केस दर्ज कराया है। राजीवनगर थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसडीपीओ ने पीड़िता के नाबालिग बेटे से भी पूछताछ की। वह इतना ही कह रहा है कि उससे गलती हो गई है। शिक्षिका निजी स्कूल में पढ़ाती हैं। उनके पति रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं। उनके रिटायरमेंट का पैसा ही शिक्षिका के खाते में था। शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि जब वह स्कूल से आती थीं तब बेटा उनसे मोबाइल ले लेता था। इसी दौरान उसने यह सब हरकत की। पांच माह में ट्रांजेक्शन, बड़े बेटे ने पकड़ा शिक्षिका का बड़ा बेटा एमबीबीएस कर रहा है। कुछ दिन पहले जब वह घर आया तो मां के मोबाइल से उनके खाते की जांच की। उसने मां को बताया कि उनके खाते से 33 लाख रुपए का ट्रांजक्शन हो चुका है। कुछ लोन भी लिया गया है। यह सुन मां चौंक गईं। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो सारी बात सामने आई कि उनके पैसे से पड़ोसी ने खरीदारी की है और टूर किया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बेटे ने झांसा देकर उनके खाते से पड़ोसी के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया। पड़ोसी ने भी उनके बेटे को बरगलाया है। बीते पांच महीने में सारा ट्रांसफर हुआ है। मोबाइल का पासवर्ड, यूपीआई पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड और ओटीपी बच्चों या परिचितों से साझा न करें। बैंकिंग और यूपीआई एप में अलग अलग मजबूत पासवर्ड रखें। मोबाइल में स्क्रीन लॉक के साथ फिंगरप्रिंट या फेस लॉक जरूर लगाएं। बैंकिंग एप में भी लॉक सक्रिय रखें ताकि मोबाइल खुलने के बाद भी भुगतान एप तुरंत न खुले। मोबाइल में गेस्ट मोड या सेकेंड यूजर अकाउंट बनाकर रखें। इससे बच्चा अलग प्रोफाइल में मोबाइल इस्तेमाल करेगा और बैंकिंग ऐप, फोटो, मैसेज तथा भुगतान एप तक उसकी पहुंच नहीं होगी। 17 साल के बेटे ने मां के खाते से करीब 33 लाख रुपए अपने पड़ोसी के खाते में ट्रांसफर कर दिया। पड़ोसी ने इस पैसे से कार, स्कूटी और ज्वेलरी खरीद ली। परिवार के साथ वाराणसी का टूर भी कर लिया। इसके अलावा भी खरीदारी की। इस मामले में राजीवनगर की रहने वाली शिक्षिका ने अपने पड़ोसी अनिल, उसके भाई और बेटे पर केस दर्ज कराया है। राजीवनगर थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसडीपीओ ने पीड़िता के नाबालिग बेटे से भी पूछताछ की। वह इतना ही कह रहा है कि उससे गलती हो गई है। शिक्षिका निजी स्कूल में पढ़ाती हैं। उनके पति रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं। उनके रिटायरमेंट का पैसा ही शिक्षिका के खाते में था। शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि जब वह स्कूल से आती थीं तब बेटा उनसे मोबाइल ले लेता था। इसी दौरान उसने यह सब हरकत की। पांच माह में ट्रांजेक्शन, बड़े बेटे ने पकड़ा शिक्षिका का बड़ा बेटा एमबीबीएस कर रहा है। कुछ दिन पहले जब वह घर आया तो मां के मोबाइल से उनके खाते की जांच की। उसने मां को बताया कि उनके खाते से 33 लाख रुपए का ट्रांजक्शन हो चुका है। कुछ लोन भी लिया गया है। यह सुन मां चौंक गईं। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो सारी बात सामने आई कि उनके पैसे से पड़ोसी ने खरीदारी की है और टूर किया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बेटे ने झांसा देकर उनके खाते से पड़ोसी के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया। पड़ोसी ने भी उनके बेटे को बरगलाया है। बीते पांच महीने में सारा ट्रांसफर हुआ है। मोबाइल का पासवर्ड, यूपीआई पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड और ओटीपी बच्चों या परिचितों से साझा न करें। बैंकिंग और यूपीआई एप में अलग अलग मजबूत पासवर्ड रखें। मोबाइल में स्क्रीन लॉक के साथ फिंगरप्रिंट या फेस लॉक जरूर लगाएं। बैंकिंग एप में भी लॉक सक्रिय रखें ताकि मोबाइल खुलने के बाद भी भुगतान एप तुरंत न खुले। मोबाइल में गेस्ट मोड या सेकेंड यूजर अकाउंट बनाकर रखें। इससे बच्चा अलग प्रोफाइल में मोबाइल इस्तेमाल करेगा और बैंकिंग ऐप, फोटो, मैसेज तथा भुगतान एप तक उसकी पहुंच नहीं होगी।


