सहरसा जिले में मंगलवार को 15 चिन्हित स्थलों पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए गए। इन शिविरों का नेतृत्व जिला स्तरीय अधिकारियों ने किया। इन शिविरों के माध्यम से आम जनता से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। आवेदकों को मौके पर ही संबंधित प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। शिक्षा मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी, जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने दो शिविरों का निरीक्षण किया। 60 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया
अधिकारियों का काफिला सबसे पहले कहरा प्रखंड की मुरली वसंतपुर पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में पहुंचा। प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और योजनाओं के प्रचार-प्रसार की जानकारी ली। इस शिविर में प्राप्त सभी 60 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान करना ही इन सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को बेझिझक प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि उनका नियमानुसार समाधान किया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने की भी सलाह दी। 133 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि मुरली वसंतपुर शिविर में प्राप्त सभी 60 आवेदनों का त्वरित निष्पादन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आवेदनों के निष्पादन के लिए 30 दिनों की समय-सीमा के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन सभी संबंधित कार्यालयों को प्राप्त आवेदनों का निष्पादन निर्धारित अवधि से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, बेलवारा में आयोजित शिविर में शामिल हुए। इस शिविर में प्राप्त सभी 133 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया। प्रभारी मंत्री ने बताया कि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं, जैसे बाढ़ की विभीषिका और भूमि विवाद के ठोस समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। सहरसा जिले में मंगलवार को 15 चिन्हित स्थलों पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए गए। इन शिविरों का नेतृत्व जिला स्तरीय अधिकारियों ने किया। इन शिविरों के माध्यम से आम जनता से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। आवेदकों को मौके पर ही संबंधित प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। शिक्षा मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी, जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने दो शिविरों का निरीक्षण किया। 60 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया
अधिकारियों का काफिला सबसे पहले कहरा प्रखंड की मुरली वसंतपुर पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में पहुंचा। प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और योजनाओं के प्रचार-प्रसार की जानकारी ली। इस शिविर में प्राप्त सभी 60 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान करना ही इन सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को बेझिझक प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि उनका नियमानुसार समाधान किया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने की भी सलाह दी। 133 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि मुरली वसंतपुर शिविर में प्राप्त सभी 60 आवेदनों का त्वरित निष्पादन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आवेदनों के निष्पादन के लिए 30 दिनों की समय-सीमा के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन सभी संबंधित कार्यालयों को प्राप्त आवेदनों का निष्पादन निर्धारित अवधि से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, बेलवारा में आयोजित शिविर में शामिल हुए। इस शिविर में प्राप्त सभी 133 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया। प्रभारी मंत्री ने बताया कि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं, जैसे बाढ़ की विभीषिका और भूमि विवाद के ठोस समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।


