Milky Mist Dairy Food के शेयरों ने मंगलवार, 18 अगस्त को शेयर बाजार में मजबूत एंट्री ली है। 140 रुपये के आईपीओ प्राइस के मुकाबले कंपनी का शेयर NSE और BSE पर 165 रुपये पर लिस्ट हुआ। यानी आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही करीब 17.8% का फायदा हुआ। खास बात यह है कि लिस्ट होते ही यह शेयर 10 फीसदी के अपर सर्किट में चला गया। इससे शेयर सुबह 11 बजे 16.45 रुपये बढ़कर 181.45 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। इसके साथ ही आईपीओ में पैसा लगाने वालों को कुल 29.61 फीसदी का फायदा होता दिखा है।
GMP के अनुमान से भी बेहतर रही लिस्टिंग
मिल्की मिस्ट की अच्छी लिस्टिंग को लेकर बाजार में पहले से ही उम्मीदें बनी हुई थीं। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर करीब 19.7 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था। इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 159.7 रुपये बनती थी। लेकिन बाजार खुलने पर शेयर 165 रुपये पर लिस्ट हुआ। यानी जीएमपी के अनुमान से भी बेहतर लिस्टिंग गेन देखने को मिला है।

56 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
इस इश्यू को सब्सक्रिप्शन के दौरान निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। मिल्की मिस्ट का 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ 11 अगस्त से 13 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इश्यू को कुल 56.12 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। रिटेल निवेशकों के लिए तय हिस्सा 8.41 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी सबसे ज्यादा 155.83 गुना सब्सक्राइब हुई थी। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII का हिस्सा 34.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
IPO से मिलने वाले पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने और कारोबार के विस्तार में करने की योजना बनाई है। करीब 1,121.41 करोड़ रुपये के अनुमानित नेट प्रोसिड्स में से 496.86 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कुछ कर्ज के भुगतान या समय से पहले भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अलावा 469.24 करोड़ रुपये पेरुंदुरई बेस्ड कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कारोबार को आगे ले जाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्या करती है कंपनी?
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड की शुरुआत जुलाई 2014 में हुई थी। कंपनी पैकेज्ड फूड और डेयरी प्रोडक्ट्स के कारोबार में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में चीज, पनीर, बटर, दही, घी, योगर्ट, आइसक्रीम और UHT प्रोडक्ट शामिल हैं। कंपनी फ्रोजन फूड, रेडी-टू-ईट, रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट और चॉकलेट भी बेचती है।
क्या कह रहे एक्सपर्ट
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट) महेश एम. ओझा ने कहा, “पनीर और दही जैसे प्रीमियम वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर कंपनी का बढ़ता फोकस उसे बेहतर कीमत तय करने में मदद कर रहा है। इससे लंबे समय में मार्जिन बेहतर रहने की उम्मीद है। मजबूत ग्रोथ, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार को देखते हुए कंपनी का लॉन्ग टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। शॉर्ट टर्म निवेशक लिस्टिंग गेन का कुछ हिस्सा बुक करने पर विचार कर सकते हैं, जबकि मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेशक शेयर को होल्ड कर सकते हैं।”
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

