नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों ने इस बात पर चर्चा की है कि कुछ क्षेत्रों में सरकारी समर्थन से तैयार की गई भारी उत्पादन क्षमताएं भारत, अमेरिका और यूरोप जैसे निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं का पालन करने वाले देशों के विनिर्माण को नुकसान न पहुंचाएं। मिल्वौकी में शुक्रवार देर शाम हुई जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के बारे में शिकागो में भारतीय प्रवासियों के सवालों का जवाब देते हुए गोयल ने बताया कि सदस्यों ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के कई घटकों के भविष्य पर भी चर्चा की, जो इस समय गंभीर दबाव में है। गौरतलब है कि कई देश अपनी अतिरिक्त क्षमता के चलते आक्रामक मूल्य निर्धारण का सहारा ले रहे हैं और सामान डंप कर रहे हैं, जिससे निष्पक्ष व्यापार को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा, इस तरह के मुद्दों को अमेरिका ने उठाया… यह जी20 उसकी अध्यक्षता में आयोजित हुआ था। इस बात पर अच्छी चर्चा हुई कि हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कुछ क्षेत्रों में सरकारी समर्थन से खड़ी की गई अत्यधिक उत्पादन क्षमताएं, उन देशों के विनिर्माण को नुकसान न पहुंचाएं जहां अमेरिका, यूरोप या भारत की तरह निष्पक्ष व्यापार और ईमानदार कारोबारी प्रथाएं अपनाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि बैठकों में सार्थक बातचीत के बावजूद मतभेदों के चलते साझा परिणाम दस्तावेज जारी नहीं हो सका।
गोयल ने किफायती बुनियादी ढांचे, सस्ती ऊर्जा, युवा प्रतिभाओं के बड़े समूह और 2047 तक कर-मुक्त लाभों का हवाला देते हुए कहा कि डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए भारत सबसे पसंदीदा स्थान है। मंत्री ने कहा कि भारत को डेटा सेंटरों में निवेश के लिए लगभग 200 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं मिली हैं। उन्होंने कहा, भारत डेटा सेंटरों की स्थापना के लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन स्थान है… कम लागत वाला बुनियादी ढांचा, सस्ती ऊर्जा, सस्ता डेटा, युवा प्रतिभाओं का एक बड़ा समूह और 2047 तक पूरी तरह से कर-मुक्त लाभ।
यही कारण है कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यह डेटा सेंटरों के लिए सबसे पसंदीदा जगह है। उन्होंने कहा, मैं आप सभी को इसका लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं। गोयल ने बताया कि इस समय भारत की 520 गीगावाट की स्थापित बिजली क्षमता में 60 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा (सौर, पवन, पनबिजली, परमाणु) से आती है।
भारत में कारोबार सुगमता और निचले स्तर पर भ्रष्टाचार के सवाल पर मंत्री ने कहा, मुझे खुशी है कि आपने ये मुद्दे उठाए, क्योंकि ये वास्तविक समस्याएं हैं जिनका कई बार निवेशकों को भारत में सामना करना पड़ता है। गोयल ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कारोबार सुगमता की दिशा में बेहद गंभीर प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के उच्च स्तरों पर भ्रष्टाचार को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है और हमें पूरा भरोसा है कि जैसे-जैसे हम प्रक्रियाओं, कार्यप्रणालियों और नीतियों को आसान बनाएंगे, यह सुधार निचले स्तर तक पहुंचेगा।
इसके अलावा गोयल ने कहा कि भारत ने कई मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है, जिससे भारतीय कंपनियों को 70 लाख करोड़ डॉलर से अधिक के संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वाले बाजारों तक पहुंच मिलेगी। भारत ऐसे 6-8 और व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है।

