Mukhtar Ansari: मृतक माफिया (Mukhtar Ansari) की फरार पत्नी की तलाश में रविवार को मऊ और गाजीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने नगर क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने मिर्जाहादीपुरा स्थित पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के आवास पर पहुंचकर करीब एक घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने घर की महिलाओं से पूछताछ भी की। हालांकि, लंबी छानबीन के बाद भी आफ्शा अंसारी का कोई सुराग नहीं मिला और पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पुलिस (Ghazipur Police) कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों और समर्थकों के बीच पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा। आफ्शा अंसारी के खिलाफ मऊ जिले के दक्षिण टोला थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा गाजीपुर जिले के विभिन्न थानों में भी उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस की छापेमारी से हड़कंप
रविवार सुबह करीब 9 बजे गाजीपुर जिले की कासिमाबाद पुलिस और मऊ के दक्षिण टोला थाने की टीम संयुक्त रूप से तैय्यब पालकी के आवास पर पहुंची। पुलिस ने घर के विभिन्न हिस्सों की गहन तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। महिला पुलिसकर्मियों ने घर के अंदर जाकर महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनसे बातचीत की। करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई के बाद जब कोई सफलता नहीं मिली तो पुलिस टीम वापस लौट गई।
तैय्यब पालकी बोले- ये कार्रवाई राजनीति से प्रेरित
छापेमारी के बाद तैय्यब पालकी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई तो महिला पुलिस को घर के अंदर भेजकर परिवार की महिलाओं से पूछताछ कराई गई। उन्होंने कहा कि उनका संबंध केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित था और मुख्तार अंसारी के परिवार से उनका कोई व्यक्तिगत संपर्क नहीं रहा है। वहीं मऊ नगर क्षेत्राधिकारी ने बताया कि वांछित और इनामी आफ्शा अंसारी की गिरफ्तारी के लिए संयुक्त दबिश दी गई थी। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रही है।


