चिन्हित माफिया ने गायब की खुद की लाइसेंसी राइफल:प्रयागराज में पुलिस से बोला- 10 साल पहले गुम हो गई थी, दरोगा ने दर्ज कराई FIR

चिन्हित माफिया ने गायब की खुद की लाइसेंसी राइफल:प्रयागराज में पुलिस से बोला- 10 साल पहले गुम हो गई थी, दरोगा ने दर्ज कराई FIR

प्रयागराज के झूंसी के हवेलिया निवासी और पुलिस रिकॉर्ड में प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश यादव उर्फ बैरिस्टर की लाइसेंसी रायफल गायब होने का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में पुलिस जब उसके घर शस्त्र सत्यापन करने पहुंची तो उसने पुलिस को बताया कि उसकी NPB रायफल करीब 10 साल पहले यानी वर्ष 2016 में कहीं गुम हो गई थी।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि रायफल गायब होने के बावजूद उसने इसकी कोई रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई थी। मामले को गंभीर मानते हुए चौकी प्रभारी छतनाग उ0नि0 सचिन तंवर की तहरीर पर झूंसी थाने में उसके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच
उच्च न्यायालय में दाखिल एक मामले में पारित आदेश के क्रम में झूंसी पुलिस ने गणेश यादव के शस्त्र लाइसेंसों की जांच की।
27 मई की सुबह करीब नौ बजे चौकी प्रभारी छतनाग सचिन तवर पुलिस टीम के साथ हवेलिया स्थित उसके घर पहुंचे। जांच में पता चला कि प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश यादव के नाम तीन शस्त्र लाइसेंस जारी हैं।
दो हथियार थाने में जमा, तीसरा गायब
पुलिस जांच में सामने आया कि गणेश यादव की DBBL गन और पिस्टल पहले से ही स्थानीय थाने में जमा हैं।
लेकिन तीसरा शस्त्र, जो राइफल है, के बारे में पूछने पर गणेश यादव ने बताया कि वह 2016 में कहीं खो गई थी।
पुलिस को बयान पर हुआ शक
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि शस्त्र धारक की ओर से राइफल गायब होने के बावजूद कोई मुकदमा या गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई। ऐसे में यह प्रतीत होता है कि उसने हथियार कहीं छुपा दिया है और सही जानकारी नहीं दे रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में गायब रायफल जनसुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसी आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अलग-अलग थानों में दर्ज हैं 10 मुकदमे
प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश यादव पर झूंसी और सरायइनायत थानों में करीब 10 मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। उस पर कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो चुकी है।
वर्ष 2020 में माफिया के खिलाफ अभियान के दौरान प्रशासन ने हवेलिया स्थित उसके करीब 1500 वर्गगज में बने तीन मंजिला आलीशान मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। पांच बुलडोजरों से मकान ध्वस्त किया गया था। उस समय मकान की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई थी।
एके-47 से हो चुका है हमला
सात जुलाई 2007 को झूंसी हाईवे स्थित अपनी मार्केट में बाल कटवा रहे गणेश यादव पर पूर्वांचल के शार्प शूटरों ने एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमले में उसका भांजा मारा गया था, जबकि एक किशोर समेत दो other लोग घायल हुए थे। गणेश यादव उस हमले में बाल-बाल बच गया था।

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