भास्कर न्यूज | जालंधर नशे के खिलाफ जालंधर पुलिस की सख्ती के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उम्र के जिस पड़ाव में लोग आराम करते हैं, उस उम्र में एक बुजुर्ग नशे की तस्करी का काला कारोबार चला रहा था। हालांकि, थाना मकसूदां की मुस्तैद पुलिस टीम ने इस बुजुर्ग तस्कर के मंसूबों पर पानी फेरते हुए उसे आधा किलो अफीम के साथ गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि यह गिरफ्तारी रूटीन चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस टीम, जिसमें एएसआई सतनाम सिंह और एएसआई बलबीर सिंह शामिल थे, गांव मंड से हीरापुर वाले रास्ते पर गश्त कर रही थी। इसी बीच जब पुलिस की गाड़ी मीरपुर गांव के पास पहुंची, तो वहां मौजूद एक बुजुर्ग खाकी वर्दी को देखते ही बुरी तरह घबरा गया। बचने की नीयत से उसने अचानक अपने घर की ओर दौड़ लगा दी और हड़बड़ाहट में अपने हाथ में मौजूद एक काली पन्नी (लिफाफा) जमीन पर फेंक दी। पुलिस जवानों ने उसका पीछा किया और उसे काबू कर लिया। संदेह के आधार पर जब पुलिस ने आरोपी द्वारा फेंके गए उस काले लिफाफे को खोलकर देखा, तो उसमें से 500 ग्राम (आधा किलो) अफीम बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी की शिनाख्त गांव मीरपुर के ही रहने वाले मलकीत सिंह उर्फ मीता (पुत्र मल्ल सिंह) के तौर पर हुई है। एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने बताया कि आरोपी मलकीत सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर उसका रिमांड भी हासिल कर लिया है। अब पुलिस की जांच इस अहम बिंदु पर केंद्रित है कि यह बुजुर्ग इतनी बड़ी मात्रा में अफीम किस बड़े सप्लायर से खरीद कर लाया था? गांव या शहर में इसके पक्के ग्राहक कौन-कौन थे? पुलिस को पूरी उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में अफीम तस्करी के इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरों से भी नकाब उठ सकता है।


