Manipur के पहाड़ी जिलों में ताजा झड़पें, 9 लोगों की मौत के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात

Manipur के पहाड़ी जिलों में ताजा झड़पें, 9 लोगों की मौत के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात

मणिपुर के हिंसा प्रभावित पहाड़ी जिलों में रविवार को भी तनाव बना रहा तथा दो समुदायों के बीच ताजा झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इस बीच, मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की तथा संबंधित अधिकारियों से स्थिति को नियंत्रण में लाने को कहा। शुक्रवार और शनिवार को कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में हिंसा की ताजा घटनाओं में लोगों की मौत की खबरें सामने आईं।

मुख्यमंत्री सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं निर्दोष नागरिकों की हत्या और हिंसा की निंदा करता हूं। मैंने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने, शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने तथा सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।’’
सिंह ने सभी समुदायों से स्थिति को शांत करने के लिए संयम बरतने और शांति, संवाद तथा सद्भाव को प्राथमिकता देने की भी अपील की। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सबसे अधिक प्रभावित कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं।

हिंसा में लोगों की हत्याओं का सिलसिला शुक्रवार रात को शुरू हुआ, जब पांच बच्चों की मां की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना नगा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चसाद गांव में हुई। इस 22 वर्षीय महिला की हत्या के बाद कुकी और नगा सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही।

इस झड़प में 42 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 मकानों में आगजनी की गई। हिंसा की आगे की घटनाओं को रोकने के लिए गांव में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि चसाद की घटना के बाद शनिवार को कांगपोकपी जिले के तापन और मकुई गांवों में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया।

इस दौरान नगा समुदाय के दो ग्राम रक्षकों एम. दैमाई और आर. गंगमेई तथा रिंगकांगमाई नामक एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। नगा समुदाय के एक नागरिक संगठन ‘वर्किंग कमेटी जेटीसी मणिपुर’ ने यह भी दावा किया कि एक ग्रामीण अजिनबोउ आर. (52) का उग्रवादियों ने सिर कलम कर दिया। संगठन ने सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए उनका कटा सिर लौटाने की मांग की।

अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को संदिग्ध उग्रवादी कामजोंग जिले में भारत-म्यांमा सीमा के पास तंगखुल नगा समुदाय की बस्ती निंगचौ गांव में भी घुस गए और गोलीबारी की। इस घटना में 35 वर्षीय नगाचांसो निंगशेन और 48 वर्षीय लेइशिशान लेइशादांग की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बल गांव पहुंचे।

स्थानीय लोगों का दावा है कि गोलीबारी करने के बाद हमलावर म्यांमा की ओर भाग गए। उखरुल जिले में शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपू याओलेन गांव के पास एक कार पर गोलीबारी की, जिसमें 40 वर्षीय संदीप राय की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि संदीप जिस कार को चला रहे थे, उसी के भीतर उनकी मौत हो गई।

कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन में भी सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना है। इस साल फरवरी से कुकी और नगा जनजातीय समुदायों के बीच जारी हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई मकानों को आग लगा दी गई है। इससे पहले राज्य में इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती समुदाय और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।

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