कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देश में इस समय अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं। खरगे ने दावा किया कि आपातकाल के दौरान भी ट्रेन, फ्लाइट और शैक्षणिक संस्थानों का काम इस तरह प्रभावित नहीं हुआ था, जैसा आज हो रहा है।
सड़क, बस और इंटरनेट बंद करने का लगाया आरोप
खरगे ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में सड़कें, बसें, ट्रेनें और इंटरनेट बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोबाइल फोन जब्त किए जा रहे हैं और युवाओं के साथ पुलिस सख्ती कर रही है। खरगे ने इन हालात के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया।
पीएम मोदी और शाह पर लोकतंत्र को लेकर निशाना
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने चुनाव में ईवीएम और वोटों में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया।
खरगे ने कहा कि पहले ईवीएम को लेकर सवाल उठाए जाने पर लोग मजाक उड़ाते थे। लेकिन अब, उनके मुताबिक, चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने खुद बताया है कि व्यवस्था में कितनी गड़बड़ियां हैं और वोटों में कथित तौर पर कैसे हेरफेर किया जाता है, उन्हें चुराया जाता है या बदला जाता है।
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चुनाव आयोग को शिकायत देने का किया दावा
खरगे ने दावा किया कि वोटों में कथित हेरफेर और चोरी से जुड़ी जानकारी चुनाव आयोग के सभी लोगों को नहीं थी। उनके मुताबिक, जब चुनाव आयोग के इन दो सदस्यों को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने लिखित रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इसकी सूचना दी। खरगे ने आरोप लगाया कि इस शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों का भी किया जिक्र
खरगे ने कहा कि राहुल गांधी महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक के अलंद तथा महादेवपुरा जैसे क्षेत्रों में कथित वोट चोरी का मुद्दा पहले से उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने बोर्ड पर विस्तार से समझाकर भी इन मामलों को सामने रखा, लेकिन चुनाव आयोग और केंद्र सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी।

