‘मुझे खुश करो, 10 दिन की छुट्टी दूंगा’, महिला कर्मचारी से बॉस ने की घिनौनी हरकत, केस दर्ज

‘मुझे खुश करो, 10 दिन की छुट्टी दूंगा’, महिला कर्मचारी से बॉस ने की घिनौनी हरकत, केस दर्ज

महाराष्ट्र के जलगांव जिले से कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बांभोरी स्थित नामी कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी पर महिला कर्मचारी का यौन शोषण की कोशिश करने और उसे जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित महिला की शिकायत के अनुसार, यह प्रताड़ना पिछले सात महीनों से चल रही थी, जिसका अब जाकर खुलासा हुआ है।

‘तुम मुझे खुश कर, 10 दिन की छुट्टी दूंगा’- अधिकारी की घिनौनी मांग

शिकायत के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी बीमार बेटी की देखभाल के लिए अधिकारी से छुट्टी मांगी थी। इस पर आरोपी अधिकारी जनार्दन ने सहानुभूति दिखाने के बजाय कहा, “तुम बहुत सुंदर है, मुझे पसंद हो। तुम मुझे खुश करो, मैं तुम्हे दो दिन क्या, दस दिन की छुट्टी दे दूंगा और सैलरी भी नहीं कटेगी।” शिकायत के अनुसार, जब महिला ने इस अनैतिक मांग का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया। उसने महिला को थप्पड़ मारा, जमीन पर पटक दिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं।

पीड़िता को जान से मारने की दी धमकी

आरोपी अधिकारी यहीं नहीं रुका। उसने महिला को चुप रहने के लिए धमकी दी कि उसके राजनीतिक रसूख वाले गुंडों से संबंध हैं और वह उसके परिवार को खत्म कर देगा।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने घटना का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उसने पीड़िता पर दबाव बनाया कि वह कंपनी में आने वाली अन्य नई लड़कियों को भी उसके पास ‘खुश’ करने के लिए भेजे।

पुलिस की कार्रवाई से पहले आरोपी फरार

पिछले सात महीनों से इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को झेल रही पीड़िता ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और अपने परिवार के साथ धरणगाव पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी अन्नासाहेब घोलप ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी अधिकारी फरार है और पुलिस की टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।

बता दें कि पहले नासिक के टीसीएस (TCS) बीपीओ में और अब जलगांव की एमएनसी कंपनी से सामने आए ऐसे मामलों ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यस्थलों पर महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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