Mahindra Racing ने London E-Prix में हासिल किया तीसरा स्थान, की रिकॉर्ड की बराबरी

Mahindra Racing ने London E-Prix में हासिल किया तीसरा स्थान, की रिकॉर्ड की बराबरी

महिंद्रा रेसिंग ने फॉर्मूला ई के जेन3 युग का शानदार समापन करते हुए लंदन ई-प्री में दो पोडियम स्थान हासिल किए जिसमें निक डे व्रीस दूसरे और एडोआर्डो मोर्टारा तीसरे स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने टीम चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही महिंद्रा ने 2016-17 सत्र में हासिल किए गए अपने सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।आखिरी रेस से पहले क्वालीफाइंग में महिंद्रा ने ऐतिहासिक 1-2 परिणाम हासिल किया। डे व्रीस ने पोल पोजिशन हासिल की जबकि मोर्टारा दूसरे स्थान से रेस शुरू करने उतरे। सत्र की 17वीं और अंतिम रेस से पहले महिंद्रा 216 अंक के साथ टीम तालिका में चौथे स्थान पर थी और तीसरे स्थान पर मौजूद आंद्रेटी से 13 अंक पीछे थी।तीसरा स्थान हासिल करने के लिए टीम को दमदार प्रदर्शन की जरूरत थी जिसे उसने पूरा किया। हालांकि पोल पोजिशन से शुरुआत करने के बावजूद डे व्रीस जीत दर्ज नहीं कर सके जिससे टीम और चालक दोनों को निराशा हुई। इस रेस में डीएस पेंस्के के ब्रिटिश ड्राइवर टेलर बार्नार्ड ने अपने करियर की पहली फॉर्मूला ई जीत दर्ज की।22 वर्ष की उम्र में वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा ड्राइवर भी बन गए। 

महिंद्रा रेसिंग ने फॉर्मूला ई के जेन3 युग का शानदार समापन करते हुए लंदन ई-प्री में दो पोडियम स्थान हासिल किए जिसमें निक डे व्रीस दूसरे और एडोआर्डो मोर्टारा तीसरे स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने टीम चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही महिंद्रा ने 2016-17 सत्र में हासिल किए गए अपने सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

आखिरी रेस से पहले क्वालीफाइंग में महिंद्रा ने ऐतिहासिक 1-2 परिणाम हासिल किया। डे व्रीस ने पोल पोजिशन हासिल की जबकि मोर्टारा दूसरे स्थान से रेस शुरू करने उतरे। सत्र की 17वीं और अंतिम रेस से पहले महिंद्रा 216 अंक के साथ टीम तालिका में चौथे स्थान पर थी और तीसरे स्थान पर मौजूद आंद्रेटी से 13 अंक पीछे थी।

तीसरा स्थान हासिल करने के लिए टीम को दमदार प्रदर्शन की जरूरत थी जिसे उसने पूरा किया। हालांकि पोल पोजिशन से शुरुआत करने के बावजूद डे व्रीस जीत दर्ज नहीं कर सके जिससे टीम और चालक दोनों को निराशा हुई। इस रेस में डीएस पेंस्के के ब्रिटिश ड्राइवर टेलर बार्नार्ड ने अपने करियर की पहली फॉर्मूला ई जीत दर्ज की।

22 वर्ष की उम्र में वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा ड्राइवर भी बन गए।

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