Maharashtra Garba: मुस्लिमों की एंट्री बैन पर VHP प्रवक्ता बोले- टीका लगवाएं, चरणामृत लें तो स्वागत है

Maharashtra Garba: मुस्लिमों की एंट्री बैन पर VHP प्रवक्ता बोले- टीका लगवाएं, चरणामृत लें तो स्वागत है

Maharashtra Garba: नवरात्रि के मौके पर आयोजित गरबा और डांडिया कार्यक्रम में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अपना रुख स्पष्ट किया है। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने साफ किया कि संगठन ने किसी पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन ये कार्यक्रम पूरी तरह से धार्मिक और आस्था से जुड़े हैं। इसलिए, जो कोई भी इसमें शामिल होना चाहता है, उसे हिंदू परंपराओं, मान्यताओं और आचरण के नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अपनी पहचान छिपाकर या गलत इरादे से आने वाले लोगों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विनोद बंसल बोले- जो आस्था नहीं रखते, उन्हें प्रवेश क्यों मिले?

विनोद बंसल ने कहा कि चाहे गरबा-डांडिया हो, दुर्गा पूजा हो, काली पूजा हो या गणेशोत्सव, इन सभी पर्वों में जो भी आए, वह श्रद्धा और भक्ति के साथ आए। उन्होंने कहा कि अगर कोई कार्यक्रम देवी दुर्गा को समर्पित है, तो प्रतिभागियों को निस्संदेह उनकी पूजा करनी चाहिए और भक्ति भाव से उन्हें नमन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग देवी दुर्गा में विश्वास नहीं करते और मूर्ति पूजा का विरोध करते हैं, वे गरबा कार्यक्रमों में क्यों शामिल होना चाहते हैं?

बंसल ने आगे कहा कि अगर इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को तिलक लगाया जाए, तो उन्हें मना नहीं करना चाहिए। अगर प्रसाद और चरणामृत दिया जाए, तो उन्हें खुशी-खुशी स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि माहौल खराब करने के बजाय, लोगों को सात्विक और आध्यात्मिक माहौल बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। चूंकि यह आस्था का उत्सव है, इसलिए यह स्वाभाविक है कि इसमें वही लोग शामिल हों जिनकी इसमें आस्था हो।

पहचान बताए बिना एंट्री नहीं, ID वेरिफिकेशन जरूरी : विनोद बंसल

विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि हाल के सालों में असामाजिक तत्व और विकृत सोच वाले लोग अपनी पहचान छिपाकर गरबा कार्यक्रमों में घुसपैठ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को पहले भी महिलाओं और लड़कियों को परेशान करते और कार्यक्रम में बाधा डालते हुए पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले हर व्यक्ति का वेरिफिकेशन होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी खास धर्म के प्रति कोई दुश्मनी नहीं है, जो कोई भी शामिल होना चाहता है, उसे भेष बदलकर नहीं बल्कि खुलकर आना चाहिए।

बहनों और बेटियों के साथ आएं : विनोद बंसल

विनोद बंसल ने आगे कहा कि जो कोई भी सच्चे दिल से देवी दुर्गा की पूजा करता है, चरणामृत स्वीकार करता है और सच्ची श्रद्धा के साथ शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चूंकि यह महिलाओं और परिवारों के लिए एक बड़ा त्योहार है, इसलिए आने वालों को अपनी माताओं, बहनों और बेटियों के साथ आना चाहिए।

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