राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में अब नई एसआइटी (विशेष जांच दल) की जांच भी निर्णायक मोड़ पर पहुंचने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले ही नई एसआइटी ने इस मामले के स्टार विटनेस माने जा रहे ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का बयान दर्ज किया है। पहले से दर्ज मुकदमे के विवेचक रहे, पुलिस क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने वीडियो कालिंग के माध्यम से महिपाल सिंह का क्रमवार बयान दर्ज किया है। करीब 20 मिनट तक महिपाल ने वर्ष 2021 से अब तक की चोरी की घटनाओं और अनियमितता के मामलों की जानकारी दी है। बयान में उन्होंने पूर्व महासचिव चंपतराय, सदस्य डॉ अनिल मिश्र व रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव सहित उन ट्रस्ट व बैंक कर्मियों के भी नाम लिए हैं, जिनके विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। गत जून माह में सामने आई राम मंदिर की चढ़ावा चोरी को लेकर ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने मीडिया के सामने आकर कई सनसनीखेज आरोप लगाए थे। उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व महासचिव चंपतराय, अनिल मिश्र व गोपाल राव का नाम लेकर इन पर जानकर भी अनजान बने रहने का आरोप लगाया था। पूर्व में राज्य सरकार की ओर से लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में गठित की गई एसआइटी के समक्ष भी गत 27 जुलाई को महिपाल सिंह ने अपना बयान दर्ज कराया था। इस एसआइटी की फाइनल रिपोर्ट भी अब ट्रस्ट को सौंप दी गई है। हालांकि यह रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। जांच के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई को इस मामले का संज्ञान लेकर राज्य सरकार को नई एसआइटी गठित करने का आदेश दिया था। लखनऊ के आइजी जोन किरण एस के नेतृत्व में गठित हुई नई एसआइटी को गत 17 अगस्त को सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने जल्द ही इस मामले में किसी तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचते हुए अपनी जांच पूरी करने का आदेश दिया था। माना जा रहा कि सुप्रीम कोर्ट में चढ़ावा चोरी मामले की अगली सुनवाई की तिथि शीघ्र ही नियत होने जा रही है। इससे पहले बीते शुक्रवार को क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने वीडियो कालिंग के माध्यम से ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का 20 मिनट तक बयान दर्ज किया है। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने एसएसपी अयोध्या डॉ गौरव ग्रोवर के निर्देश पर बाकायदा वीडियो भी तैयार किया है, जिसे साक्ष्य के रूप में कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। सीओ ने बताया कि उनके बयान को विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। महिपाल ने पुलिस को दिए बयान में लगाए यह आरोप :
पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने अपना बयान दर्ज कराते हुए बताया है कि दानराशि की गणना के दौरान चोरी और निर्माण सामग्री के बिलों में कमीशनखोरी वर्ष 2021 से ही की जा रही थी, जब वह राम कचहरी स्थित ट्रस्ट कार्यालय के लेखा प्रभारी रहे थे। चोरी का पता चलने के बाद उन्होंने इससे चंपतराय को अवगत कराया था, तो उन्होंने पहले स्वयं देखने की बात कही, फिर उन्हें कार्यालय से हटाकर डॉ अनिल मिश्र से कहकर गणना का प्रभारी बनवा दिया था। जब वह नकदी की गणना कराने लगे, तो देखा कि स्टेट बैंक कर्मी गगनदीप व रत्नेश चतुर्वेदी की मिलीभगत से चम्पतराय का पूर्व में चालक रहा रामशंकर यादव टिन्नू (अब जेल में) लोहे के कंटेनर में नोटों के अधिक बंडल भरकर ले जाते थे, लेकिन रजिस्टर पर अंकन उससे कम बंडलों का होता था। चंपतराय को इसकी भी जानकारी दी गई थी, पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे यह बात टिन्नू यादव को पता चली तो वह अयोध्या छोड़ देने की धमकी देने लगा।
पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने अपने बयान में यह भी दावा किया है कि जिस मंदिर के निर्माण के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बना, उस पर विभिन्न संस्थाओं व लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए 2200 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। उन्होंने विहिप पदाधिकारी गोपाल राव पर भी निर्माण कार्यों में दक्षिण भारत की कंपनियों व संस्थाओं को भी लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है। महिपाल सिंह ने बताया कि उनकी ओर से वह समस्त जानकारी इस एसआइटी को भी दी गई है, जो पुरानी एसआइटी को बताई थी। जांच पूरी हुए बिना गोविंददेव गिरि का महासचिव बनना गलत
महिपाल सिंह ने पूर्व में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रहे स्वामी गोविंददेव गिरि को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त किए जाने को अनुचित ठहराया है। कहा, कोषाध्यक्ष रहते हुए उनके ही कार्यकाल में चढ़ावा चोरी होती रही है और निर्माण कार्य में अनियमितताएं हुई हैं। ऐसे में उन पर भी सवाल उठ रहे हैं। अभी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में इस मामले की जांच जारी ही है, तो बिना जांच पूरी हुए इन्हें कैसे और किनके इशारे पर महासचिव का दायित्व दे दिया गया। नैतिकता के आधार पर तो इन्हें स्वयं यह पद नहीं स्वीकार करना चाहिए था और कोषाध्यक्ष पद से भी त्यागपत्र दे देना था।
नए सीईओ से सुधार की बहुत अपेक्षा :
ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी और संघ के पुराने स्वयंसेवक रहे महिपाल सिंह ने राम मंदिर के नवनियुक्त सीईओ जितेन्द्र मिश्र से मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की अपेक्षा जताई है। कहा, जिस प्रकार से उन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष राष्ट्रसेवा में समर्पित किए हैं, उसी तरह से अब राम की सेवा में संलग्न रहकर सुधार करेंगे और रामभक्तों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

