ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल रविवार को लगातार 10वें दिन भी जारी रही। इसी क्रम में समाज कल्याण मंत्री कृष्ण बेदी के विधानसभा क्षेत्र नरवाना की कपास मंडी में 2 दिवसीय महापड़ाव शुरू किया गया। इसमें प्रदेशभर से हजारों ग्रामीण सफाई कर्मचारी शामिल हुए। महापड़ाव की संयुक्त अध्यक्षता ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रधान बसाऊराम और ग्रामीण सफाई कर्मचारी संगठन हरियाणा के प्रधान मुखपाल सिंह ने की। यूनियन के उपमहासचिव देवीराम ने मंच संचालन किया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि पिछले 19 वर्षों से अस्थायी तौर पर काम कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और विभागीय अधिकारियों को कई बार मांग पत्र भेजे गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। मंत्री कृष्ण बेदी को भी एक सप्ताह पहले ज्ञापन सौंपा गया था। कर्मचारियों की ये प्रमुख मांगे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में हाईकोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के आदेश को लागू करना, सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को स्थायी करना, 400 आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करना और औजार भत्ते को 2000 रुपए सालाना से बढ़ाकर 1000 रुपए मासिक करना शामिल है। मंत्री कार्यालय के घेराव की चेतावनी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 25 मई दोपहर 2 बजे तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो मंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा और अगले बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस आंदोलन को सीटू, किसान सभा और कई अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है।


