पैट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी पर विपक्ष द्वारा सवाल खड़े करने पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि 90 पैसे ही बढ़ाया है, कोई बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा दिया है। अशोक गहलोत ने कितना बढ़ा दिया था, यह उनको पता नहीं है क्या? उन्होंने कितना वेट बढ़ा दिया था, उनको याद ही नहीं है। हमने केवल 90 पैसे बढ़ाया और तूफान मच गया, कमाल हो गया, यह कोई बात है। इस समय दुनिया में कितना संकट हैं। इसमें हमने व्यवस्थित तरीके से संभाला हुआ है। उनको धैर्य रखना चाहिए, 90 पैसे बढ़ने से जैसे उनकी व्यवस्थाएं बिगड़ गई हो, ऐसी बात करते हैं। पैट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरों को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि पैट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक हैं। वितरण व्यवस्था भी बराबर हैं। मैं देश की जनता से कहना चाहता हूं कि इन परिस्थितियों में संयमित तरीका अपनाएं। व्यवस्थित रूप से उपयोग करें, सभी आवश्यक काम करें, कोई दिक्कत की बात नहीं है। लेकिन फिजूलखर्ची से बचें, इसका जरूर ध्यान रखे। मेलोनी को मेलोडी-टॉफी देने पर कंपनी का शेयर बढ़ गया
पीएम मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को मेलोडी टॉफी देने पर राहुल गांधी के तंज पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि इसका परिणाम आप देख लीजिए, जो मेलोडी टॉफी दी, उस कंपनी का शेयर कितना बढ़ गया हैं। उन्होने कहा कि राहुल गांधी जिस टॉफी की आलोचना कर रहे है, मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि देश-दुनिया ने इसे कितना महत्व दिया हैं। कंपनी के शेयर बढ़ गए, यह राहुल गांधी को अक्ल आने के लिए पर्याप्त हैं। राहुल गांधी को मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की जनता में लगातार स्वीकार्यता घटती जा रही है, ऐसे में हाशिए पर पहुंची कांग्रेस को देखकर राहुल गांधी हताशा में घटिया शब्दावली पर उतर आए हैं। देश के प्रधानमंत्री के लिए अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करने वाले राहुल गांधी को मनोचिकित्सक को दिखवाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राहुल गांधी का बयान हताशा की पराकाष्ठा है। इसके लिए जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है और आदर्श लोकतंत्र में इसे जनता स्वीकार्य नहीं करेगी। बता दे कि राहुल गांधी ने रायबरेली की सभा में बुधवार को कहा था कि जब आरएसएस के कार्यकर्ता आपके सामने आएंगे तो उनसे खुलकर कहिएगा कि आपका प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और संगठन गद्दार हैं।


