लखनऊ और कानपुर के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा नमो भारत परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार ने परियोजना की अल्टरनेटिव्स एनालिसिस रिपोर्ट (एएआर) और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए छह करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही परियोजना पर काम में तेजी आने की उम्मीद है। रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी), नई दिल्ली को सौंपी गई है। एएआर और डीपीआर में प्रस्तावित रेल मार्ग, संभावित स्टेशनों की संख्या, यात्रियों की संभावित संख्या, निर्माण लागत और वित्तीय मॉडल समेत सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना को अंतिम स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। विकास प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे खर्च आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने इस संबंध में एनसीआरटीसी को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि परियोजना की रिपोर्ट तैयार कराने का खर्च लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण संयुक्त रूप से वहन करेंगे। यात्रियों को मिलेगा तेज और आरामदायक सफर नमो भारत रेल सेवा शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना आवागमन करने वाले लाखों लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगा। उन्नाव समेत पूरे क्षेत्र को मिलेगा आर्थिक लाभ इस परियोजना से केवल परिवहन व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि उन्नाव समेत पूरे क्षेत्र में औद्योगिक, व्यावसायिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। क्या है नमो भारत सेवा नमो भारत देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) सेवा है, जिसे शहरों के बीच तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसकी ट्रेनें पारंपरिक उपनगरीय रेल सेवाओं की तुलना में अधिक गति से चलती हैं और कम समय में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाती हैं। वर्तमान में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।


