ग्वालियर में एक 25 वर्षीय बहन ने नाबालिग भाई को लुटेरा बना दिया। 5 लाख रुपए के कर्ज और गहनों के इंश्योरेंस के पैसे के लालच में युवती ने फर्जी लूट की साजिश रची। युवती ने खुद ही अपने साथ भाई द्वारा लूट करवा दी और फिर थाने शिकायत दर्ज करवाने पहुंच गई, लेकिन उसके इस फर्जीवाड़े का एक ही दिन में खुलासा हो गया। युवती इतनी शातिर थी कि जब नाबालिग भाई गिरफ्तार हो गया तो उसने ऑनलाइन फिनाइल मंगाया और थाने में पी लिया। महिला ऑनलाइन गेम्स में पांच लाख रुपए हार गई थी। कर्ज बढ़ता जा रहा था जिसे चुकाने के लिए अपने 16 साल के भाई के साथ फर्जी लूट की साजिश रची थी। CCTV में दिखाई दिए बदमाश वारदात के बाद CCTV फुटेज में एक्टिवा चला रहे बदमाश के पैर की चप्पल ने चंद घंटों में पुलिस को सफलता दिला दी। लुटेरे जैसी चप्पल पहने था और उस पर ईगल का साइन था। वह महिला के भाई की चप्पल पर था। इंस्टाग्राम पर कुछ रील में भी वह यही चप्पलें पहने था।
पुलिस ने जब फरियादी के नाबालिग भाई को उठाया तो उसने पूरी वारदात कुबूल कर ली। वारदात की मास्टर माइंड ऑनलाइन गेम में कर्ज करने वाली महिला थी और उसके दो मोहरे नाबालिग भाई व उसका दोस्त था। प्लानिंग तो लड़कियों के कपड़े पहनकर वारदात को अंजाम देने की थी, जिससे पुलिस को गुमराह किया जाए, लेकिन कपड़े बदलने का समय नहीं मिला। नाबालिग लुटेरों की डिक्की से दो जोड़ी लड़कियों के कपड़े मिले हैं। नाबालिग भाई को बचाने थाने में किया ड्रामा
पुलिस ने 25 वर्षीय महिला शेजू सिकरवार की पूरी प्लानिंग बिगाड़ दी। उसने अपने भाई से मिलने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने ऑनलाइन सर्विस एप के जरिए एक लीटर फिनाइल की बोतल मंगा ली। बहोड़ापुर थाना परिसर में खड़े होकर पुलिस अफसरों के सामने फिनाइल पी लिया। यह देखकर वहां मौजूद पुलिस अफसरों के हाथ पांव ठंडे पड़ गए। तत्काल उसे रोका और उल्टी कराई गई। पुलिस ने अभी तक महिला को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया है। ऑनलाइन गेम्स की लत से बढ़ा कर्ज
पुरानी छावनी क्षेत्र स्थित पानी की टंकी के पास रहने वाली शेजू पत्नी आशीष सिंह राजावत को ऑनलाइन मनी गेम की लत लग गई थी। पहले उसने 10 हजार रुपए लगाए और उसे पहले ही गेम में 8 हजार रुपए का मुनाफा हुआ। इसके बाद वह उसमें उलझती चली गई। ऐसा पता लगा है कि उस पर पांच लाख रुपए का कर्ज भी हो गया था। यही कारण है कि उसने पहले एक फाइनेंस कंपनी में अपने 10 तोला सोना (कीमत 15 लाख रुपए) गिरवी भी रखे थे। जिसका उसने बीमा कराया था। इसी बीमा राशि को हड़पने के लिए पूरा प्लान रचा था। क्राइम सीरियल देखकर रची लूट की प्लानिंग
युवती शेजू ने क्राइम सीरियल देखकर पूरा प्लान बनाया। ऑनलाइन गेम में कर्ज होने पर अपने नाबालिग भाई और उसके 19 वर्षीय दोस्त आकाश सेन के साथ मिलकर अपने साथ ही लूट कराने और बीमा क्लेम हड़पने की प्लानिंग की। प्लानिंग के तहत वह शनिवार दोपहर 2 बजे कैप्री गोल्ड लोन से गिरवी रखा 10 तोना सोना उठाने के बाद पास ही स्थित आईआईएफएल फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखने जा रही थी। जैसे ही वह बहोड़ापुर स्थित एटीएम तिराहा के पास पहुंची, तभी पीछे से स्कूटी सवार दो बदमाश आए और झपट्टा मारकर उससे गहनों का बैग छीन ले गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी। CCTV कैमरे में चप्पल से हुआ खुलासा लूट के बाद पहली ही नजर में पूरी वारदात गड़बड़ नजर आ रही थी। घटनास्थल के पास ही लगे CCTV कैमरे में एक्टिवा सवार दो बदमाश भी नजर आए थे। पुलिस ने CCTV फुटेज को बारीकी से देखा तो एक्टिवा चला रहे लुटेरे के बांए पैर में सफेद रंग की चप्पल थी जिस पर ब्लैक कलर से ईगल का साइन बना था। पुलिस ने फरियादी के भाई को देखा तो उसके पैर में भी वही चप्पल थी। पुलिस ने तत्काल महिला शेजू उर्फ शैजल और उसके नाबालिग भाई की कॉल डिटेल खंगाली तो दोनों के बीच में वारदात से पहले पल-पल बातचीत होती नजर आई। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपने दोस्त 19 वर्षीय आकाश सेन के साथ मिलकर वारदात करना कुबूल किया है। पता चला है कि कुछ माह पूर्व शेजू एक चाकूबाजी के मामले में जेल भी जा चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… 15 लाख के गहने लूट की मास्टरमाइंड निकली फरियादी ग्वालियर के बहोड़ापुर एटीएम तिराहे पर शनिवार दोपहर हुई 15 लाख रुपए के गहनों की लूट का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि लूट की साजिश खुद फरियादी महिला ने रची थी। पुलिस ने महिला, उसके नाबालिग भाई और उसके दोस्त को पकड़ लिया है।पूरी खबर पढ़ें


