ग्वालियर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 16 निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के पंजीयन (लाइसेंस) निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूग्णोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंसिंग) अधिनियम 1993 और नियम 1997 (संशोधित 2008 एवं 2021) के तहत की गई है। सीएमएचओ के अनुसार, नियमों के तहत सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का पंजीयन हर तीन वर्ष में नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए निर्धारित समय सीमा से कम से कम एक माह पहले नर्सिंग होम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। विभाग द्वारा पहले ही 12 दिसंबर 2025, 23 दिसंबर 2025 और 2026 में संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी कर सूचित किया गया था कि 28 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि तक पोर्टल खुला रहेगा। बाद में शासन स्तर से राहत देते हुए 22 मार्च 2026 तक अंतिम अवसर भी दिया गया। इसके बावजूद कई नर्सिंग होम संचालकों ने समय सीमा में आवेदन नहीं किया, जिसके चलते उनका पंजीयन स्वतः समाप्त होकर पोर्टल से हट गया। नियमों के अनुसार बिना वैध पंजीयन के किसी भी नर्सिंग होम का संचालन अवैध माना जाता है। इन 16 नर्सिंग होमों के लाइसेंस हुए निरस्त सीएमएचओ की चेतावनी स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस संचालित होने वाले अस्पतालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत और अधिकृत अस्पतालों का ही चयन करें।
यह कार्रवाई जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।


