15 किलो विस्फोटक का लाइसेंस…अंदर कई टन बारूद, 5 मौतें:देवास में फैक्ट्री संचालक सांसद का करीबी; बारिश से पहले पूरा करना था बड़ा ऑर्डर

15 किलो विस्फोटक का लाइसेंस…अंदर कई टन बारूद, 5 मौतें:देवास में फैक्ट्री संचालक सांसद का करीबी; बारिश से पहले पूरा करना था बड़ा ऑर्डर

देवास जिले के टोंककला के पास गुरुवार को पटाखा फैक्ट्री में ब्लॉस्ट हो गया। इस मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फैक्ट्री का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ और अंदर पटाखा बनाने का काम तेजी से चल रहा था। हादसे के समय यहां 600 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को हिरासत में लिया है। अनिल के पास 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस था, लेकिन मौके पर कई टन विस्फोटक से पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर अनिल मालवीय के सांसद के साथ फोटो भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें अनिल सांसद को मिठाई खिलाते हुए दिख रहे हैं। उसे सांसद का करीबी बताया जा रहा है। 6 महीने पहले ही फैक्ट्री की शुरुआत टोंककला के पास जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह महज छह माह पहले ही शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि संचालक को पटाखों का बड़ा ऑर्डर मिला था, जिसे बारिश से पहले हर हाल में पूरा करना था। इसी वजह से बड़ी संख्या में मजदूर बुलाए गए थे। फैक्ट्री में उत्तर प्रदेश, बिहार और देवास के मजदूर काम कर रहे थे। इसके अलावा ठेकेदारों के जरिए और मजदूर बुलाने की तैयारी भी चल रही थी। बड़े पैमाने पर विस्फोटक रखकर पटाखे बनाए जा रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर बना रहे थे पटाखे प्रदेश में विस्फोटक रखने को लेकर सख्त नियम हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इनका पालन नहीं किया गया। फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय ने 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस ले रखा था। नियमों के तहत इतनी मात्रा से अधिकतम 600 किलो पटाखे बनाए और रखे जा सकते थे, लेकिन मौके पर टनों में विस्फोटक और तैयार पटाखे मिले। साफ है कि जिम्मेदार अफसरों ने कभी जांच तक नहीं की। नियमों के मुताबिक 15 किलो से अधिक विस्फोटक के लिए भोपाल से विशेष लाइसेंस लेना पड़ता है, जिसमें सुरक्षा इंतजामों से लेकर मजदूरों की संख्या तक के कड़े प्रावधान हैं। इसके बावजूद यहां छोटे लाइसेंस की आड़ में भारी मात्रा में विस्फोटक रखा गया और पटाखे बनाए जा रहे थे। निर्माण अधूरा, सुरक्षा इंतजाम नहीं सबसे बड़ा सवाल यह है कि फैक्ट्री का निर्माण पूरा हुए बिना लाइसेंस कैसे जारी कर दिया गया। क्या किसी अधिकारी ने यहां आकर सुरक्षा इंतजामों की जांच की थी? जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह पूरी तरह तैयार भी नहीं थी। बाहर सिर्फ फेंसिंग की गई थी, जबकि अंदर के ब्लॉक अधूरे थे। नई मशीनें लगाई गई थीं और 50 से अधिक जगहों पर हाथों से पटाखे बनाए जा रहे थे। हालात यह थे कि सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं थी। न फर्स्ट एड, न इमरजेंसी इलाज और न ही आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था। नाबालिगों से भी कराया जा रहा था काम हादसे में घायल अधिकांश मजदूर बिहार के बताए जा रहे हैं। इनमें कई की उम्र 18 वर्ष से कम बताई जा रही है। ऐसे में श्रम विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
तहसीलदार, पटवारी और एसडीएम जैसे जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्या कर रहे थे। विस्फोटकों के बीच मजदूर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के काम कर रहे थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। तीन बीघा में फैली फैक्ट्री, छह ब्लॉकों में काम आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर टोंककला के पास स्थित यह फैक्ट्री करीब तीन बीघा क्षेत्र में फैली है। फैक्ट्री का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ था, इसके बावजूद यहां उत्पादन शुरू कर दिया गया। जिस ब्लॉक में धमाका हुआ वह करीब 50 फीसदी उड़ गया। वहीं अन्य छह ब्लॉकों में भी विस्फोटक से पटाखे बनाने का काम चल रहा था। सांसद से करीबी रिश्ते के पोस्ट वायरल हादसे के बाद पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को हिरासत में लिया है। इस बीच सोशल मीडिया पर उसकी सांसद से करीबी दर्शाने वाली कई तस्वीरें और पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनमें देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी उन्हें मिठाई खिलाते नजर आ रहे हैं। हालांकि हादसे के बाद सांसद ने सोशल मीडिया पर दु:ख जताया, लेकिन फैक्ट्री में नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या संचालक को राजनीतिक संरक्षण हासिल था। लाइसेंस के सवाल पर कमिश्नर बोले-बाद का विषय फैक्ट्री किसके नाम पर थी, लाइसेंस में कितना विस्फोटक रखने की पात्रता थी? मीडिया के इन सवालों पर उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि पहले घायलों का इलाज करवा रहे हैं। वह बाद का विषय है। उन्होंने बताया कि सभी घायलों का इलाज प्राथमिकता है और ज्यादातर घायलों की हालत खतरे से बाहर है। यह खबरें भी पढ़ें एमपी में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 3 की मौत मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर जान बचाकर भागा, लौटा तो दोस्त जला पड़ा था:देवास फैक्ट्री ब्लास्ट पीड़ित बोला- सुबह साथ खाना खाया “इन्हें उठाओ…जल्दी बाहर लेकर चलो…कोई एंबुलेंस वाले को कॉल करो… इतने लोगों की यहां मौत हो गई…” देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद घटनास्थल पर यही चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। हादसे में जान गंवाने वाले सुमित के दोस्त ने कहा कि सुबह ही साथ में खाना खाया था। धमाके के बाद जान बचाकर भागा। लौटा तो दोस्त वहां जला पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर

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