Laryngeal Cancer Symptoms: आमतौर पर जब मौसम बदलता है या हमें सर्दी-जुकाम होता है, तो गला खराब होना और आवाज बैठ जाना (गला बैठना) बहुत सामान्य बात लगती है। हम अक्सर इसे गरारे करके या काढ़ा पीकर ठीक होने का इंतजार करते हैं। लेकिन ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के मुताबिक, अगर आपकी आवाज लंबे समय से लगातार बैठी हुई है और ठीक नहीं हो रही है, तो यह सिर्फ एक मामूली इंफेक्शन नहीं बल्कि लैरिंजीयल कैंसर (Laryngeal Cancer या गले/वॉइस बॉक्स का कैंसर) का शुरुआती संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं कि लैरिंजीयल कैंसर क्या होता है और इसके लक्षण क्या हैं?
क्या होता है लैरिंजीयल कैंसर?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, लैरिंजीयल कैंसर हमारे गले के उस हिस्से को प्रभावित करता है जिसे लैरिंक्स (Larynx) या वॉइस बॉक्स (आवाज की ग्रंथि) कहा जाता है। यह अंग सांस लेने, खाना निगलने और बोलने में मदद करता है। जब इस हिस्से की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि होने लगती है, तो यह ट्यूमर का रूप ले लेती है। तीन में से एक से अधिक लैरिंजीयल कैंसर (35%) सुप्राग्लोटिस (ऊपरी भाग) से शुरू होते हैं। आधे से अधिक कैंसर (60%) ग्लोटिस (मध्य भाग) से शुरू होते हैं, जहां आपके स्वर रज्जु स्थित होते हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- 2 से 3 हफ्ते से ज्यादा समय तक आवाज का भारी रहना या बैठ जाना।
- गले में लगातार दर्द या खराश।
- निगलने में तकलीफ।
- गर्दन में सूजन या गांठ।
- कान में दर्द।
- सांस लेने में दिक्कत।
किन वजहों से बढ़ता है इसका खतरा?
- तंबाकू का सेवन।
- शराब का अत्यधिक सेवन।
- एचपीवी इंफेक्शन (HPV Virus)।
- 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में।
- केमिकल या धुएं के संपर्क में रहना।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर आपकी आवाज 2 से 3 हफ्तों से ज्यादा समय से बैठी हुई है और उसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है, तो बिना देर किए अपने ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ या डॉक्टर से जांच कराएं। शुरुआती दौर में डॉक्टर एंडोस्कोपी या लैरिंजोस्कोपी (गले के अंदर देखने की जांच) और जरूरत पड़ने पर बायोप्सी के जरिए स्थिति का सही पता लगाते हैं।
बचाव और ध्यान रखने योग्य बातें
- तंबाकू, सिगरेट और गुटके से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- शराब का सेवन सीमित करें या पूरी तरह बंद कर दें।
- अपने आहार में हरी सब्जियां और ताजे फल शामिल करें।
- गले में किसी भी तरह की लगातार रहने वाली समस्या को नजरअंदाज न करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

