How to Donate Eyes: नेत्रदान को लेकर लोगों के मन में तरह तरह की गलतफहमियां रहती हैं। कुछ लोगों को लगता है कि केवल पूरी तरह स्वस्थ आंखों वाले व्यक्ति ही नेत्रदान कर सकते हैं। चश्मा पहनने वाले या जिनकी मोतियाबिंद की सर्जरी हो चुकी है, वे नेत्रदान नहीं कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं नेत्रदान कौन कर सकता है और कौन नहीं, साथ ही इससे जुड़ी जरूरी बातें।
चश्मा पहनने वाले भी कर सकते हैं नेत्रदान
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के अनुसार किसी भी उम्र का व्यक्ति मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति चश्मा पहनता था तो केवल इस वजह से उसका नेत्रदान नहीं रुकता है। चश्मा पहनने वाले व्यक्ति की आंखें भी दान की जा सकती हैं।
सर्जरी के बाद भी कर सकते हैं नेत्रदान
जिन लोगों की मोतियाबिंद की सर्जरी हो चुकी है, वे भी मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान कर सकते हैं। इसलिए मोतियाबिंद की सर्जरी होने के बाद नेत्रदान नहीं कर सकते हैं, यह धारणा गलत है।
इन बीमारियों में भी कर सकते हैं नेत्रदान
एम्स के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को मृत्यु से पहले हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अस्थमा या टीबी जैसी बीमारियां रही हों, तब भी उसकी आंखें दान की जा सकती हैं। यानी इन बीमारियों का इतिहास होने मात्र से नेत्रदान को मना नहीं किया जाता है। हालांकि, नेत्रदान की प्रक्रिया में आंखों की उपयुक्तता का आकलन संबंधित आई बैंक की टीम और निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
दो लोगों को मिल सकती है रोशनी
एम्स के अनुसार, मृत व्यक्ति की दोनों आंखों से दो नेत्रहीन लोगों को दृष्टि मिल सकती है। यानी एक व्यक्ति का नेत्रदान दो लोगों के जीवन में रोशनी लाने में मदद कर सकता है।
मृत्यु के बाद छह घंटे के भीतर करनी होती है प्रक्रिया
नेत्रदान मृत्यु के बाद किया जाता है। एम्स के अनुसार, आंखों को मृत्यु के छह घंटे के भीतर निकालने की जरूरत होती है। इसलिए अगर परिवार नेत्रदान करना चाहता है तो मृत्यु के बाद समय गंवाए बिना आई बैंक को इसकी सूचना देनी चाहिए।
नेत्रदान की आंखों की ऐसे करें देखभाल
एम्स के अनुसार, मृत्यु के बाद कमरे का सीलिंग फैन बंद कर देना चाहिए और अगर उपलब्ध हो तो एयर कंडीशनर चालू किया जा सकता है। मृत व्यक्ति के सिर को थोड़ा ऊंचा रखने के लिए तकिए का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा बंद पलकों के ऊपर साफ और गीला कपड़ा रखा जा सकता है।
नेत्रदान की इच्छा परिवार को पहले से बताएं
अगर कोई व्यक्ति नेत्रदान करना चाहता है तो उसे अपने परिवार के लोगों को अपनी इच्छा के बारे में पहले से बताना चाहिए। मृत्यु के बाद समय पर आई बैंक से संपर्क करना जरूरी है, क्योंकि आंखों को छह घंटे के भीतर निकालने की जरूरत होती है। AIIMS के मैनुअल के अनुसार, नेत्रदान के लिए 1919 नंबर पर डायल कर सकते है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

