Hairy Cell Leukemia Symptoms: जब भी हम कैंसर या ल्यूकेमिया का नाम सुनते हैं, तो मन में एक डर बैठ जाता है। ल्यूकेमिया दरअसल ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) का ही एक रूप है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, इन्हीं में से एक बेहद दुर्लभ और धीरे-धीरे पनपने वाला कैंसर है हेयरी सेल ल्यूकेमिया (Hairy Cell Leukemia)।यह बीमारी बहुत कम लोगों में देखी जाती है। इसका नाम जितना अजीब लगता है, इसके पीछे की वजह भी उतनी ही अजीब है। आइए समझते हैं कि हेयरी सेल ल्यूकेमिया क्या है, यह क्यों होता है और शरीर में इसके क्या-क्या लक्षण दिखाई देते हैं।
हेयरी सेल ल्यूकेमिया आखिर होता क्या है?
ल्यूकेमिया रिसर्च फाउंडेशन के अनुसार, हेयरी सेल ल्यूकेमिया हमारी हड्डियों के अंदर मौजूद मज्जा (बोन मैरो) से शुरू होता है। बोन मैरो हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs), सफेद रक्त कोशिकाएं (WBCs) और प्लेटलेट्स बनाने का काम करती है। इस बीमारी में हमारे शरीर की एक खास तरह की सफेद रक्त कोशिका, जिसे बी-लिम्फोसाइट (B-lymphocytes) कहते हैं, असामान्य रूप से बढ़ने लगती है। जब डॉक्टर इन प्रभावित कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप से देखते हैं, तो इनकी सतह पर छोटे-छोटे बाल (Hair-like projections) जैसी संरचनाएं दिखाई देती हैं। इसी बनावट की वजह से इसे हेयरी सेल ल्यूकेमिया कहा जाता है। ये असामान्य कोशिकाएं बोन मैरो में जमा होने लगती हैं और स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को बनने से रोकती हैं। नतीजा यह होता है कि शरीर में रेड ब्लड सेल्स, सामान्य व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स की भारी कमी हो जाती है।
शरीर में क्या-क्या लक्षण दिखाई देते हैं?
हेयरी सेल ल्यूकेमिया बहुत धीमी गति से बढ़ता है, इसलिए शुरुआती दिनों में इसके कोई खास लक्षण महसूस नहीं होते। अक्सर लोग जब किसी सामान्य हेल्थ चेकअप के लिए ब्लड टेस्ट करवाते हैं, तब जाकर इसका पता चलता है। लेकिन जैसे-जैसे यह बीमारी बढ़ती है, शरीर में ये बदलाव आ सकते हैं;
- पेट के बाएं हिस्से में भारीपन या दर्द।
- अत्यधिक थकान और कमजोरी।
- बार-बार इन्फेक्शन होना।
- आसानी से चोट लगना या खून बहना।
- बिना वजह वजन कम होना।
किन वजहों से होता है यह कैंसर?
हेयरी सेल ल्यूकेमिया होने का कोई एक सटीक और सीधा कारण अब तक सामने नहीं आया है। हालांकि, यह जरूर पाया गया है कि यह बीमारी कोशिकाओं के डीएनए (DNA) में अचानक आए बदलाव (Mutation) की वजह से होती है। मुख्य रूप से यह BRAF नाम के जीन में उत्परिवर्तन (Mutation) के कारण होता है, जो कोशिकाओं को अनियंत्रित रूप से बढ़ने का निर्देश देता है। यह बीमारी बच्चों या युवाओं में बहुत कम होती है। यह ज्यादातर 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में पाई जाती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इसका खतरा अधिक होता है। जो लोग खेती में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों (Pesticides), रसायनों या औद्योगिक रेडिएशन के संपर्क में लंबे समय तक रहते हैं, उनमें इसका जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है।
डॉक्टर से कब मिलें और इसका इलाज क्या है?
अगर आपको बिना किसी वजह के हफ्तों तक बहुत ज्यादा थकान रहती है, पेट में बाएं तरफ दर्द या भारीपन महसूस होता है, या बार-बार इन्फेक्शन हो रहा है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर इसके लिए सिंपल ब्लड टेस्ट (CBC), बोन मैरो बायोप्सी या सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

