सुरक्षा घटाने पर लालू बोले- पागल हो गए हैं:मीसा ने कहा- नोटिस से पहले बंगला खाली कर देंगे; राबड़ी कौटिल्य नगर वाला घर देखने पहुंचीं

सुरक्षा घटाने पर लालू बोले- पागल हो गए हैं:मीसा ने कहा- नोटिस से पहले बंगला खाली कर देंगे; राबड़ी कौटिल्य नगर वाला घर देखने पहुंचीं

सुरक्षा घटाने और बंगला खाली करने के नोटिस पर लालू यादव ने कहा कि सब पागल हो गए। घृणा कर रहे हैं। मुझे उन लोगों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। लालू रविवार रात सिंगापुर से दिल्ली पहुंचे। जहां उन्होंने ये बयान दिया। लालू के साथ मीसा भारती भी थीं। बंगला खाली करने के सवाल पर उन्होंने कहा, हम 15 दिनों के नोटिस से पहले बंगला खाली कर देंगे। वहीं लालू परिवार की सुरक्षा घटाने पर कहा, लालू जी और राबड़ी जी को सुरक्षा की जरूरत नहीं है। मैं भी अपनी सुरक्षा लौटा रही हूं। इन सब के बीच कल राबड़ी देवी पटना के कौटिल्य नगर वाले घर का कामकाज देखने पहुंचीं। बताया जा रहा है कि राबड़ी आवास खाली करने के बाद लालू फैमिली यहीं शिफ्ट हो सकती है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए बंगला और सुरक्षा घटाने के बाद अब तक क्या-क्या हुआ विवाद बंगला खाली करने के नोटिस से शुरू हुआ 29 मई को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के लिए तीसरा नोटिस दिया। दिल्ली से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, ’10, सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।’ CM बोले- बंगला खाली होने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली होगा। धरती पर कोई रोक नहीं सकता है। कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। कोई राजतंत्र नहीं है। लोकतंत्र है। मां को अलग घर चाहिए। बेटे को अलग घर चाहिए। मां-बेटे और पति को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए। बिहार में हरा गमछा, हरा गमछा शांति का प्रतीक है। जो गुंडागर्दी करेगा उसे तो जेल में डालेंगे ही ना। जो गुंडागर्दी करेगा उसके लिए एक ही जगह है मुजफ्फरपुर की जेल।’ CM बोले- बंगला किसी की बपौती नहीं है CM सम्राट चौधरी ने कहा, बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए। कुछ लोगों को चिंता है कि हमारा घर बचा रहे। मैं कई बार मंत्री बना, बिहार का गृहमंत्री भी बना, लेकिन मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा, आप बाहर लिखवा दीजिए ये लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं होती। मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, ये मेरा 11वां घर है। तेजप्रताप बोले- भाषा की मर्यादा रखिए CM के बयान के बाद तेजप्रताप ने X पर लिखा- मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, विशेषकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है। राबड़ी को बंगला खाली करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम मिला इसके बाद सम्राट सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। 25 नवंबर 2025 को आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। राबड़ी देवी के अलावा हारे हुए विधायकों को भी नोटिस भेजा गया। सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग के अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। रविवार को राबड़ी कौटिल्य नगर वाले घर का कामकाज देखने पहुंचीं 10 सर्कुलर रोड खाली करने के अल्टीमेटम के बीच रविवार को राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित अपने आवास पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने नए आवास की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। 2005 से 10 सर्कुलर रोड में रह रहा है लालू परिवार लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रह रहा है। विभाग के मुताबिक पिछले छह महीनों के दौरान कई बार आग्रह किया गया कि परिवार 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में स्थानांतरित हो जाए, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। बंगला विवाद के बीच घटाई गई लालू फैमिली की सुरक्षा बिहार सरकार ने बंगला विवाद के बीच 4 दिन पहले लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। इसके विरोध में राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया है। सुरक्षा घटाने से नाराज राबड़ी देवी ने शनिवार सुबह अपने आवास से सारी सुरक्षा हटा दी। यहां तक की बंगले के बाहर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को भी लौटा दिया। इसके बाद रोहिणी ने पार्टी नेताओं से राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की। कार्यकर्ताओं का राबड़ी आवास पर जुटना शुरू हो गया है। गेट पर एक कार्यकर्ता हाथ में डंडा लिए खड़ा है। जहां कभी पुलिसकर्मी बैठते थे वहां पार्टी के नेता बैठे है। राबड़ी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा को वापस कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने कार्यकर्ताओं से की अपील रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजद कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि, ‘लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल राजद के कार्यकर्ता और जनता हैं। साथ ही आरोप लगाया कि बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है, जिसका जवाब जनता देगी।’ राबड़ी आवास के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर के कार्यकर्ताओं का जुटान जारी है। कार्यकर्ता कल से ही आवास के बाहर डटे हुए हैं। अब राबड़ी आवास के बाहर की 3 तस्वीरें देखिए… सुरक्षा घटाने और बंगला खाली करने के नोटिस पर लालू यादव ने कहा कि सब पागल हो गए। घृणा कर रहे हैं। मुझे उन लोगों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। लालू रविवार रात सिंगापुर से दिल्ली पहुंचे। जहां उन्होंने ये बयान दिया। लालू के साथ मीसा भारती भी थीं। बंगला खाली करने के सवाल पर उन्होंने कहा, हम 15 दिनों के नोटिस से पहले बंगला खाली कर देंगे। वहीं लालू परिवार की सुरक्षा घटाने पर कहा, लालू जी और राबड़ी जी को सुरक्षा की जरूरत नहीं है। मैं भी अपनी सुरक्षा लौटा रही हूं। इन सब के बीच कल राबड़ी देवी पटना के कौटिल्य नगर वाले घर का कामकाज देखने पहुंचीं। बताया जा रहा है कि राबड़ी आवास खाली करने के बाद लालू फैमिली यहीं शिफ्ट हो सकती है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए बंगला और सुरक्षा घटाने के बाद अब तक क्या-क्या हुआ विवाद बंगला खाली करने के नोटिस से शुरू हुआ 29 मई को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के लिए तीसरा नोटिस दिया। दिल्ली से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, ’10, सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।’ CM बोले- बंगला खाली होने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली होगा। धरती पर कोई रोक नहीं सकता है। कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। कोई राजतंत्र नहीं है। लोकतंत्र है। मां को अलग घर चाहिए। बेटे को अलग घर चाहिए। मां-बेटे और पति को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए। बिहार में हरा गमछा, हरा गमछा शांति का प्रतीक है। जो गुंडागर्दी करेगा उसे तो जेल में डालेंगे ही ना। जो गुंडागर्दी करेगा उसके लिए एक ही जगह है मुजफ्फरपुर की जेल।’ CM बोले- बंगला किसी की बपौती नहीं है CM सम्राट चौधरी ने कहा, बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए। कुछ लोगों को चिंता है कि हमारा घर बचा रहे। मैं कई बार मंत्री बना, बिहार का गृहमंत्री भी बना, लेकिन मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा, आप बाहर लिखवा दीजिए ये लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं होती। मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, ये मेरा 11वां घर है। तेजप्रताप बोले- भाषा की मर्यादा रखिए CM के बयान के बाद तेजप्रताप ने X पर लिखा- मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, विशेषकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है। राबड़ी को बंगला खाली करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम मिला इसके बाद सम्राट सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। 25 नवंबर 2025 को आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। राबड़ी देवी के अलावा हारे हुए विधायकों को भी नोटिस भेजा गया। सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग के अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। रविवार को राबड़ी कौटिल्य नगर वाले घर का कामकाज देखने पहुंचीं 10 सर्कुलर रोड खाली करने के अल्टीमेटम के बीच रविवार को राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित अपने आवास पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने नए आवास की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। 2005 से 10 सर्कुलर रोड में रह रहा है लालू परिवार लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रह रहा है। विभाग के मुताबिक पिछले छह महीनों के दौरान कई बार आग्रह किया गया कि परिवार 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में स्थानांतरित हो जाए, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। बंगला विवाद के बीच घटाई गई लालू फैमिली की सुरक्षा बिहार सरकार ने बंगला विवाद के बीच 4 दिन पहले लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। इसके विरोध में राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया है। सुरक्षा घटाने से नाराज राबड़ी देवी ने शनिवार सुबह अपने आवास से सारी सुरक्षा हटा दी। यहां तक की बंगले के बाहर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को भी लौटा दिया। इसके बाद रोहिणी ने पार्टी नेताओं से राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की। कार्यकर्ताओं का राबड़ी आवास पर जुटना शुरू हो गया है। गेट पर एक कार्यकर्ता हाथ में डंडा लिए खड़ा है। जहां कभी पुलिसकर्मी बैठते थे वहां पार्टी के नेता बैठे है। राबड़ी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा को वापस कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने कार्यकर्ताओं से की अपील रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजद कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि, ‘लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल राजद के कार्यकर्ता और जनता हैं। साथ ही आरोप लगाया कि बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है, जिसका जवाब जनता देगी।’ राबड़ी आवास के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर के कार्यकर्ताओं का जुटान जारी है। कार्यकर्ता कल से ही आवास के बाहर डटे हुए हैं। अब राबड़ी आवास के बाहर की 3 तस्वीरें देखिए…  

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