‘लालू परिवार को संविधान के विपरीत काम करने की आदत’:गयाजी में मंत्री प्रमोद बोले- इनलोगों को संविधान के दायरे में रहना चाहिए

‘लालू परिवार को संविधान के विपरीत काम करने की आदत’:गयाजी में मंत्री प्रमोद बोले- इनलोगों को संविधान के दायरे में रहना चाहिए

प्रदेश सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने राष्ट्रीय जनता दल के शीर्ष नेतृत्व की राजनीतिक शैली को निशाने पर लिया है। खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू परिवार पर कहा है कि इस परिवार को हमेशा से संविधान के विपरीत काम करने की आदत हो गई है। यह बातें मंत्री ने ​गया के सर्किट हाउस में कहीं। मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ राजनेता प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि राबड़ी परिवार को अब संविधान के दायरे में रहना सीखना चाहिए। क्योंकि जब नेता अनुशासित होंगे, तभी उनके कार्यकर्ता भी सही राह पर चलेंगे। ​जुबां पर बाबा साहब, आचरण में कानून की अवहेलना ​मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने लालू परिवार की दोहरी राजनीति को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग मंचों से तो सिर्फ संविधान की दुहाई देते हैं और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का नाम जपते हैं, लेकिन जब धरातल पर संवैधानिक व्यवस्था के पालन की बात आती है तो उसे तोड़ने में सबसे आगे रहते हैं। राबड़ी देवी की सुरक्षा में कथित कटौती के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार और प्रशासन के पास स्पष्ट मानक व संवैधानिक व्यवस्था है। कोई भी नेता जिस श्रेणी में है। उसे उसी स्तर की सुरक्षा मिलेगी। कोई विधायक या एमएलसी यह जिद करने लगे कि उसे सांसद या मंत्री स्तर की सुरक्षा दी जाए, तो यह दर्शाता है कि उन्हें न तो देश के संविधान पर विश्वास है और न ही बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था पर।
​जैसा नेता, वैसा कार्यकर्ता ​चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि शीर्ष नेतृत्व की उदंडता का सीधा असर उनके कार्यकर्ताओं पर पड़ता है। आज गांव-देहात में आरजेडी के कार्यकर्ता गरीब, शोषित और वंचित समाज पर लाठियां चमका रहे हैं। उन्होंने सवाल दागा कि अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन के बजाय लाठी थमाकर यह नेतृत्व वोटरों को क्या संदेश देना चाहता है। इसी अमर्यादित आचरण का परिणाम ही है कि यह लोग सत्ता से कोसों दूर बैठे हैं।
​नीतीश कुमार और उनके पुत्र पर टिप्पणी की निंदा ​आरजेडी की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार के स्वास्थ्य-सुरक्षा को लेकर किए गए पोस्ट पर भी मंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किस व्यक्ति को कौन सी सुरक्षा या आवास मिलेगा। यह पूरी तरह प्रशासनिक व सुरक्षा एजेंसियों के आकलन का विषय है। इस पर घटिया राजनीति और व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करना बेहद निचले स्तर की मानसिकता को दर्शाता है। ​ प्रदेश सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने राष्ट्रीय जनता दल के शीर्ष नेतृत्व की राजनीतिक शैली को निशाने पर लिया है। खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू परिवार पर कहा है कि इस परिवार को हमेशा से संविधान के विपरीत काम करने की आदत हो गई है। यह बातें मंत्री ने ​गया के सर्किट हाउस में कहीं। मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ राजनेता प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि राबड़ी परिवार को अब संविधान के दायरे में रहना सीखना चाहिए। क्योंकि जब नेता अनुशासित होंगे, तभी उनके कार्यकर्ता भी सही राह पर चलेंगे। ​जुबां पर बाबा साहब, आचरण में कानून की अवहेलना ​मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने लालू परिवार की दोहरी राजनीति को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग मंचों से तो सिर्फ संविधान की दुहाई देते हैं और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का नाम जपते हैं, लेकिन जब धरातल पर संवैधानिक व्यवस्था के पालन की बात आती है तो उसे तोड़ने में सबसे आगे रहते हैं। राबड़ी देवी की सुरक्षा में कथित कटौती के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार और प्रशासन के पास स्पष्ट मानक व संवैधानिक व्यवस्था है। कोई भी नेता जिस श्रेणी में है। उसे उसी स्तर की सुरक्षा मिलेगी। कोई विधायक या एमएलसी यह जिद करने लगे कि उसे सांसद या मंत्री स्तर की सुरक्षा दी जाए, तो यह दर्शाता है कि उन्हें न तो देश के संविधान पर विश्वास है और न ही बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था पर।
​जैसा नेता, वैसा कार्यकर्ता ​चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि शीर्ष नेतृत्व की उदंडता का सीधा असर उनके कार्यकर्ताओं पर पड़ता है। आज गांव-देहात में आरजेडी के कार्यकर्ता गरीब, शोषित और वंचित समाज पर लाठियां चमका रहे हैं। उन्होंने सवाल दागा कि अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन के बजाय लाठी थमाकर यह नेतृत्व वोटरों को क्या संदेश देना चाहता है। इसी अमर्यादित आचरण का परिणाम ही है कि यह लोग सत्ता से कोसों दूर बैठे हैं।
​नीतीश कुमार और उनके पुत्र पर टिप्पणी की निंदा ​आरजेडी की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार के स्वास्थ्य-सुरक्षा को लेकर किए गए पोस्ट पर भी मंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किस व्यक्ति को कौन सी सुरक्षा या आवास मिलेगा। यह पूरी तरह प्रशासनिक व सुरक्षा एजेंसियों के आकलन का विषय है। इस पर घटिया राजनीति और व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करना बेहद निचले स्तर की मानसिकता को दर्शाता है। ​  

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