कोरबा पुलिस ने “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने और असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए अब तक कुल 49 हिस्ट्रीशीट खोली गई हैं। इनमें 17 गुंडा बदमाश, 31 निगरानी बदमाश और 1 गैंग हिस्ट्रीशीट शामिल है। पुलिस ने पिछले तीन वर्षों में जेल जा चुके आरोपियों के डेटाबेस का विश्लेषण कर हिस्ट्रीशीटरों का चयन किया। ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित किया गया जिनके खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। निगरानी बदमाश श्रेणी में चोरी, लूट, डकैती और संपत्ति संबंधी अपराधों में लिप्त आरोपी शामिल हैं। वहीं, गुंडा बदमाश श्रेणी में मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और जानलेवा हमले के आरोपी शामिल किए गए हैं। एक गैंग हिस्ट्रीशीट डीजल चोरी से संबंधित गिरोह पर खोली गई है। प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर पर विशेष निगरानी के लिए अलग-अलग पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। पुलिस ने 37 प्रकरणों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अभिलेख तैयार किए हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था और मजबूत हुई है। समीक्षा के दौरान पांच हिस्ट्रीशीटर मृत पाए गए, जिन्हें सूची से हटा दिया गया है। आचरण में सुधार पाए जाने पर पांच बदमाशों को निगरानी से मुक्त कर “माफी बदमाश” घोषित किया गया है। कोरबा पुलिस ने माह के अंत तक कुल 86 हिस्ट्रीशीट खोलने का लक्ष्य रखा है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। पुलिस का कहना है कि इस योजनाबद्ध कार्रवाई से जिले में अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लग रहा है और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते वैधानिक कार्रवाई की जा सके। पुलिस का दावा है कि इस अभियान से अपराधियों में खौफ बना है और जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने में मदद मिल रही है।


